
हस्तशिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगी
गुरुग्राम , भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित सरस आजीविका मेला 2024 इस साल 13 अक्टूबर से 29 अक्टूबर के बीच गुरुग्राम के लेजर वैली ग्राउंड में आयोजित होने जा रहा है। इस मेले में 31 राज्यों की 800 से अधिक ग्रामीण महिलाएँ भाग लेंगी, जो स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएँ अपने राज्यों के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प और स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगी, जो न केवल उनकी संस्कृति और परंपरा का प्रतिनिधित्व करेंगे, बल्कि उनकी उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को भी दर्शाएंगे।
ग्रामीण महिलाओं का अनूठा मंच
सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण मंच है। मेले में देशभर के हस्तशिल्प, कपड़े, जैविक उत्पाद, होम डेकोर और अन्य वस्त्रों की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध होगी, जिसे ग्रामीण महिलाएँ तैयार करती हैं। इसके अलावा, यहाँ विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन भी उपलब्ध होंगे, जो भारत के विभिन्न राज्यों के स्थानीय स्वाद और संस्कृति को प्रदर्शित करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस से होगी शुरुआत
सरस मेला के शुभारंभ से पहले, 10 अक्टूबर को गुरुग्राम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मेला से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, स्वयं सहायता समूहों की सफल महिलाओं द्वारा उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानियाँ भी साझा की जाएंगी। ये कहानियाँ न केवल उनके आत्मनिर्भरता के सफर को दर्शाएँगी, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेंगी।
व्यंजनों की अनूठी रसोई
सरस मेला में विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों की स्टाल्स भी लगाई जाएंगी, जहाँ से आगंतुकों को देशभर के स्वाद का आनंद लेने का मौका मिलेगा। हर राज्य का विशिष्ट खाना मेले के आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जो आगंतुकों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।
नारी सशक्तिकरण का प्रतीक
सरस आजीविका मेला ग्रामीण महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक अवसरों को बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को बढ़ावा देने और उनके हुनर को पहचान दिलाने का एक बड़ा मंच भी है। यह मेला भारत सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आजीविका में सुधार के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेला के मुख्य आकर्षण:
- 31 राज्यों से 800 ग्रामीण महिलाएँ
- हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, कपड़े, और अन्य उत्पादों की विशाल प्रदर्शनी
- विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों की स्टाल्स
- सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रदर्शन
- स्वयं सहायता समूहों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियाँ
एक ऐसा मंच है, जहाँ ग्रामीण महिलाएँ न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगी
सरस आजीविका मेला 2024 एक ऐसा मंच है, जहाँ ग्रामीण महिलाएँ न केवल अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगी, बल्कि उनके लिए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करेंगी। यह मेला देशभर के लोगों के लिए भारतीय ग्रामीण जीवन और उसकी विविधता को समझने का बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। सरस मेला न केवल ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों का प्रमाण है, बल्कि यह देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।