
नई दिल्ली: भारत में हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, और सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस बीमारी से प्रभावित होने वालों में युवाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण युवाओं का अनियमित खानपान और मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन है। आजकल बाजार में मिलावटी खाद्य सामग्री की भरमार है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, खासकर युवाओं पर।
खानपान की आदतें हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार
आज के युवा अपनी व्यस्त जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या के चलते अपने खानपान पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं। जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड, और तले-भुने व्यंजनों का अत्यधिक सेवन हार्ट की बीमारियों को बढ़ावा दे रहा है। इसके अलावा, मिलावट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य को और अधिक नुकसान पहुंचा रहा है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि, रक्तचाप में असंतुलन, और धमनियों में ब्लॉकेज जैसी समस्याएं हार्ट अटैक के प्रमुख कारण बनती हैं।
हार्ट अटैक के लक्षण और उपेक्षा
हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जैसे:
- सीने में हल्का या गंभीर दर्द,
- सांस फूलना,
- दिल की धड़कनों का अनियमित होना,
- शरीर में कमजोरी महसूस होना।
ये लक्षण हार्ट अटैक की ओर इशारा करते हैं, लेकिन युवाओं द्वारा इन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाता। यही लापरवाही बाद में गंभीर परिणामों का कारण बनती है। अगर समय रहते इन लक्षणों पर ध्यान दिया जाए, तो हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों का प्रभाव
देश भर में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री एक बड़ी समस्या बन चुकी है। ये खाद्य पदार्थ शरीर के लिए हानिकारक तत्वों से भरे होते हैं, जो सीधे तौर पर दिल और रक्त प्रणाली पर असर डालते हैं। मिलावट वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से न केवल दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है, बल्कि इससे किडनी और लीवर भी प्रभावित हो सकते हैं।
इलाज की महंगी लागत
हार्ट अटैक का इलाज महंगा है, खासकर प्राइवेट अस्पतालों में, जहां लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए इस बीमारी का इलाज कराना मुश्किल हो जाता है। सरकारी अस्पतालों में भी सही समय पर इलाज की सुविधाओं की कमी के कारण कई मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता।
कैसे करें हार्ट अटैक से बचाव?
युवाओं को हार्ट अटैक से बचने के लिए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की सख्त जरूरत है। कुछ महत्वपूर्ण उपाय जो इस खतरे को कम कर सकते हैं:
- संतुलित आहार: जंक फूड और मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचें। ताजे फलों, सब्जियों और प्रोटीन युक्त भोजन का सेवन करें।
- नियमित व्यायाम: रोजाना 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, जैसे पैदल चलना, योग, या साइकिल चलाना दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- तनाव कम करें: तनाव दिल के लिए हानिकारक होता है। मेडिटेशन और अन्य तनाव घटाने वाले तरीकों को अपनाएं।
- नियमित स्वास्थ्य जांच: रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और शुगर की नियमित जांच कराते रहें, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता चल सके।
देश में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों ने एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या को जन्म दिया है, और युवाओं में इसका बढ़ता प्रकोप चिंताजनक है। सही खानपान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके साथ ही, मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचना और जागरूक रहना बेहद जरूरी है ताकि हम अपनी और अपने परिवार की सेहत को सुरक्षित रख सकें।
भारत में बढ़ते हार्ट रोग: 5.5 करोड़ लोग पीड़ित, हर साल 28 लाख की मौत
भारत में हार्ट की बीमारियों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, और यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। देश में करीब 5.5 करोड़ लोग हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित हैं, और हर साल 28 लाख लोगों की मौत हार्ट अटैक और अन्य दिल से जुड़ी बीमारियों के कारण हो जाती है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य प्रणाली और लोगों की जीवनशैली के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के आंकड़े: हृदय विशेषज्ञों की कमी
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के अनुसार, भारत में मात्र 4,000 कार्डियोलॉजिस्ट (दिल के डॉक्टर) हैं, जबकि जरूरत 88,000 से अधिक की है। इस भारी अंतर के कारण हार्ट के मरीजों को सही समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है, और इसका सीधा असर मृत्यु दर पर पड़ रहा है।
क्यों हो रही है हृदय रोगों में वृद्धि?
- अनियमित खानपान: मिलावटी खाद्य पदार्थों और जंक फूड का अधिक सेवन युवाओं और बुजुर्गों में दिल की बीमारियों का मुख्य कारण है।
- तनावपूर्ण जीवनशैली: तेजी से बदलती जीवनशैली और लगातार बढ़ते मानसिक तनाव के कारण लोगों में हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
- व्यायाम की कमी: शारीरिक गतिविधियों की कमी और नियमित व्यायाम न करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।
- धूम्रपान और शराब का सेवन: धूम्रपान और शराब का अत्यधिक सेवन दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।
इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
भारत में हृदय रोगों की बढ़ती संख्या के बावजूद, चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। जहां शहरों में कुछ अच्छी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज समय पर नहीं मिल पाता, जिससे मरीजों की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
हार्ट अटैक से बचने के उपाय
- संतुलित आहार: ताजे फल, सब्जियां, और कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
- नियमित व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट का व्यायाम जैसे पैदल चलना, दौड़ना, या योग करना जरूरी है।
- धूम्रपान और शराब से बचें: तंबाकू और अल्कोहल का सेवन दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है, इसलिए इनसे दूरी बनानी चाहिए।
- नियमित स्वास्थ्य जांच: रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय पर पता लगाया जा सके।