
चंडीगढ़, 11 अक्टूबर: हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद अपनी हड़ताल समाप्त करने और राज्य की मंडियों में धान की उठान प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन की प्रमुख मांगों पर विचार करने और केंद्र सरकार के समक्ष उन्हें उठाने का आश्वासन दिया।
चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि एसोसिएशन की अधिकतर मांगें भारतीय खाद्य निगम (FCI) और केंद्र सरकार से संबंधित हैं। उन्होंने किसानों और व्यापारियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का वादा किया। इस आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए तत्काल हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने मिलिंग शुल्क बढ़ाने की मांग पर कहा कि यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है, लेकिन राज्य सरकार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाएगी। यदि केंद्र सरकार द्वारा कोई वृद्धि नहीं की जाती, तो राज्य सरकार मिल मालिकों को अतिरिक्त बोनस देने पर विचार करेगी। उन्होंने ड्रायज चार्ज को 0.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत बढ़ाने पर भी विचार करने की बात कही।
हाइब्रिड धान के आउट-टर्न अनुपात को कम करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर FCI और IIT खड़गपुर के साथ अध्ययन किया जा रहा है। अक्टूबर/नवंबर 2024 में एक अध्ययन दल हरियाणा की चावल मिलों का दौरा करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के एफसीआई गोदामों में 16 लाख मीट्रिक टन धान भंडारण की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें से 8 लाख मीट्रिक टन की क्षमता पहले से उपलब्ध है और बाकी 8 लाख मीट्रिक टन की क्षमता दिसंबर 2024 तक तैयार हो जाएगी।