
या फिर कुलदीप बिश्नोई की लॉटरी लगती है।
जाट समाज के बड़े नेताओं को जनता ने बुरी तरह नकारा था ।
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर – हरियाणा भाजपा के नेता कृष्णलाल पंवार के राज्यसभा से इस्तीफे के बाद, राज्य के आधा दर्जन से अधिक भाजपा नेता अब राज्यसभा में जाने के लिए जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। विधानसभा चुनावों में भाजपा के जाट समाज के बड़े नेताओं को जनता ने बुरी तरह नकारा था, लेकिन अब वे राज्यसभा की सीट हासिल करने के लिए सक्रिय हैं।
अब वे राज्यसभा की सीट हासिल करने के लिए सक्रिय हैं।
कृष्णलाल पंवार ने हाल ही में इसराना से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दिया है। उन्होंने यह कदम अपनी विधानसभा में सक्रिय रहने और विकास कार्यों में भागीदारी करने के लिए उठाया। पंवार के इस्तीफे के बाद, अब अन्य नेता राज्यसभा में जाने के लिए तैयारियों में जुट गए हैं।
भाजपा नेताओं की दौड़
राज्यसभा में जाने के लिए प्रतिस्पर्धा में शामिल प्रमुख नामों में कैप्टन अभिमन्यु, जो दो बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, और ओमप्रकाश धनखड़, जो भी दो बार हार चुके हैं, शामिल हैं। ये दोनों नेता जाट समुदाय में भाजपा के बड़े नाम माने जाते हैं और अब अपनी किस्मत आजमाने के लिए प्रयासरत हैं।
इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के पुत्र और पूर्व विधायक कुलदीप बिश्नोई भी इस दौड़ में शामिल हैं। वहीं, रोहतक से पंजाबी समुदाय के नेता मनीष ग्रोवर, जो हाल में विधानसभा चुनाव हार गए थे, भी राज्यसभा की दौड़ में हैं।
अन्य संभावित उम्मीदवार
इसके अलावा, पूर्व मंत्री कमल गुप्ता भी राज्यसभा में जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में हार का सामना किया था।
जाट समुदाय के दो नेताओं में से कोई राज्यसभा में जगह बना पाता है
अब देखना यह है कि भाजपा के जाट समुदाय के दो नेताओं में से कोई राज्यसभा में जगह बना पाता है या फिर कुलदीप बिश्नोई की लॉटरी लगती है। पंवार के इस्तीफे ने हरियाणा में राज्यसभा की सीट को लेकर हलचल बढ़ा दी है, और राजनीतिक दांव-पेचों का खेल फिर से शुरू हो गया है। भाजपा के इन नेताओं की जोड़-तोड़ की रणनीतियों से यह स्पष्ट है कि राज्यसभा की सीट उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है।