दीवाली पर जान-माल बचाने के लिए दमकल विभाग ने कसी कमर

गुरुग्राम के एस्सेल टावर अपार्टमेंट में रविवार को लगी भीषण आग ने एक परिवार के लिए भारी त्रासदी ला दी। इस हादसे में एक सेवानिवृत्त विंग कमांडर और उनके परिवार के चार अन्य सदस्य बुरी तरह से झुलस गए। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, इस घटना में सबसे अधिक चिंता का विषय यह रहा कि फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं की लापरवाही के कारण घायलों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
कैसे लगी आग और घटना का विवरण
घटना के अनुसार, रविवार की सुबह एस्सेल टावर के एक अपार्टमेंट में अचानक आग भड़क उठी। शॉर्ट सर्किट के कारण लगी इस आग ने कुछ ही पलों में पूरे अपार्टमेंट को अपनी चपेट में ले लिया। घर के सदस्य आग से बचने के प्रयास में बुरी तरह झुलस गए। अपार्टमेंट में धुएं की तेज़ी से भरने और तापमान के बढ़ने के कारण घायलों को बाहर निकालना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने जैसे-तैसे घायलों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता ने बचाव कार्य में बड़ी मुश्किलें खड़ी कर दीं।
फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं की लापरवाही
इस घटना ने गुरुग्राम के आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद भी फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस मौके पर समय पर नहीं पहुंचीं। इस देरी के कारण घायलों को अस्पताल पहुंचाने में काफी विलंब हुआ, जिससे उनकी स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस तरह की घटनाएं आपातकालीन सेवाओं के लिए बुनियादी सुधारों की आवश्यकता की ओर इशारा करती हैं।
घायलों की स्थिति
सेवानिवृत्त विंग कमांडर और उनके परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, उन्हें गंभीर जलन और धुएं के कारण श्वसन संबंधी जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने बताया कि उनकी स्थिति में सुधार के लिए तुरंत और गहन देखभाल की आवश्यकता है।
प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे के बाद गुरुग्राम के ऊंची इमारतों में आपातकालीन प्रबंधन और अग्निशमन सुरक्षा उपायों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इमारतों के फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच कराने और सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की मांग की है। कई निवासियों का कहना है कि ऊंची इमारतों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं नहीं हैं, जिससे इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और संभावित कदम
इस हादसे के बाद, स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच का आश्वासन दिया है और फायर ब्रिगेड की लापरवाही के मामले में कार्रवाई का वादा किया है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि सभी ऊंची इमारतों में फायर सेफ्टी निरीक्षण और आपातकालीन प्रबंधन के लिए दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से भविष्य में बचा जा सके।
निष्कर्ष
यह घटना न केवल गुरुग्राम बल्कि पूरे देश में ऊंची इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। प्रशासन को इस घटना की गहन जांच करके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और साथ ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए। इससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकेगा और लोगों की जान-माल की सुरक्षा की गारंटी दी जा सकेगी।
इस हृदय विदारक घटना के लिए पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है, और सभी नागरिक प्रशासन से जल्द से जल्द कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।