गाय की चमड़ी से बने हैंडबैग के इस्तेमाल के आरोप जया किशोरी पर

आध्यात्मिक वक्ता और सामाजिक मीडिया स्टार जया किशोरी अपने महंगे हैंडबैग के चलते सुर्खियों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने गाय की चमड़ी से बने हैंडबैग का इस्तेमाल किया है, जो कि पशु अधिकारों के कार्यकर्ताओं और कई अनुयायियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब जया किशोरी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें वह एक प्रीमियम ब्रांड के हैंडबैग के साथ नजर आ रही थीं। इस हैंडबैग को गाय की चमड़ी से बनाए जाने की बात सामने आई, जिसके चलते पशु अधिकार संगठनों ने उनकी आलोचना शुरू कर दी।
जया किशोरी ने इस मामले पर अपनी सफाई पेश करते हुए कहा, “मैं किसी ब्रांड को देखकर उसका इस्तेमाल नहीं करती। मुझे जो पसंद आता है, मैं केवल वही लेती हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत पसंद अधिक महत्वपूर्ण है और वे इस आधार पर खरीदारी करती हैं कि क्या उन्हें वह उत्पाद पसंद है या नहीं।
हालांकि, जया किशोरी के इस बयान ने आलोचना और समर्थन दोनों को आमंत्रित किया है। कुछ समर्थकों ने उनकी राय का समर्थन करते हुए कहा कि हर किसी को अपनी पसंद के अनुसार सामान खरीदने का अधिकार है। वहीं, आलोचकों ने सवाल उठाया कि एक आध्यात्मिक व्यक्तित्व के लिए ऐसे उत्पादों का उपयोग करना उचित नहीं है, जो पशु क्रूरता को बढ़ावा देते हैं।
यह मामला जया किशोरी के अनुयायियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर इस पर कई प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। लोग अपनी भावनाओं और विचारों को साझा कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि व्यक्तिगत चयन और नैतिकता के बीच टकराव एक जटिल मुद्दा है।
जया किशोरी ने इस विवाद में अपनी व्यक्तिगत पसंद का स्पष्टता से बचाव किया है, जबकि यह सवाल भी उठता है कि क्या हमारे उपभोग के तरीके समाज और जानवरों पर प्रभाव डालते हैं। यह मामला न केवल जया किशोरी के लिए, बल्कि समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है।