
नई दिल्ली, 3 नवंबर – बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों और हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी कारण से, शनिवार को हजारों की संख्या में बांग्लादेश के हिंदू समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर एक विरोध मार्च का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में हिंदू समुदाय के साथ-साथ अन्य अल्पसंख्यक समूहों ने भी अपनी सुरक्षा की मांग की।
शेख हसीना की सरकार जाने के बाद स्थिति में बदलाव
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद से हिंदू समुदाय को हिंसा और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। बीते अगस्त में एक छात्र आंदोलन के चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक कार्यवाहक सरकार बांग्लादेश में प्रशासन का संचालन कर रही है।
हालांकि, शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अल्पसंख्यक समूहों द्वारा इस स्थिति के खिलाफ कई बार विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।
कार्यवाहक प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
मोहम्मद यूनुस ने अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाओं को स्वीकार किया है, लेकिन उन्होंने कहा है कि ये हमले धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से प्रेरित हैं। इस बयान के बाद भी अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का यह सिलसिला चिंता
बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों का यह सिलसिला चिंता का विषय है। स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि सभी नागरिक सुरक्षित और स्वतंत्र रूप से जीवन जी सकें।