
नई दिल्ली, 3 नवंबर – भाई दूज, भाई-बहन के बीच प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है, जो भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने का एक अवसर प्रदान करता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं, जबकि भाई अपनी बहनों को उपहार और प्यार देकर उनके प्रति अपनी स्नेह भरी भावना प्रकट करते हैं।
भाई दूज का महत्व
उनके प्रति उनके प्रेम और सम्मान को दर्शाता है।
भाई दूज का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक करके उन्हें स्वादिष्ट भोजन परोसती हैं, जो उनके प्रति उनके प्रेम और सम्मान को दर्शाता है। यह परंपरा केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते को और भी मजबूत बनाने का एक माध्यम है।
विशेष आयोजन
एक-दूसरे को भाई दूज की शुभकामनाएं देते हैं
इस अवसर पर, घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं, और परिवार के सदस्य एकत्रित होते हैं। लोग एक-दूसरे को भाई दूज की शुभकामनाएं देते हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं। कई स्थानों पर इस दिन विशेष पूजा का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें बहनें अपने भाइयों के लिए मंगलकामना करती हैं।
भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और स्नेह को और बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
भाई दूज का पर्व भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और स्नेह को और बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह दिन न केवल परंपराओं को निभाने का समय है, बल्कि अपने प्रियजनों के साथ बंधन को और भी मजबूत बनाने का भी है। इस भाई दूज पर सभी भाई-बहनों के रिश्ते और भी मधुर हों!