
नई दिल्ली – उड़ी हमले के बाद भारत ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि बैसाखी से पहले पाकिस्तान जाने वाला रावी नदी का पानी पूरी तरह से नियंत्रित किया जाएगा। यह निर्णय 2025 की बैसाखी तक लागू किया जाएगा, जिससे लाहौर तक बहने वाला रावी दरिया का पानी अब व्यर्थ नहीं बहेगा।
शाहपुर कंडी बांध परियोजना
जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
इसके साथ ही, भारत की महत्वकांक्षी शाहपुर कंडी बांध परियोजना का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है। अगले खरीफ सीजन में जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा।
बांध प्रबंधन की जानकारी:
जलाशय को भरने की प्रक्रिया आगामी सप्ताह से शुरू होने जा रही है।
शाहपुर कंडी बांध के जलाशय को भरने की प्रक्रिया आगामी सप्ताह से शुरू होने जा रही है। इस पहले चरण में गेट्स की जांच और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल हैं। यदि सब कुछ सही रहा, तो बैसाखी तक बांध का जलाशय भरने का कार्य पूरा हो जाएगा।
इसका लाभ जम्मू-कश्मीर के कंडी क्षेत्र के बड़े इलाकों को मिलेगा, जो अब सिंचाई के पानी से वंचित नहीं रहेंगे। शाहपुर कंडी बांध प्रबंधन के अनुसार, इस बांध से यूबीडीसीएल और पंजाब की नहरों को जाने वाला रावी दरिया का पानी भी नियंत्रित किया जाएगा।
बल्कि सीमापार स्थितियों को भी ध्यान में रखेगा।
यह निर्णय न केवल जल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार लाएगा, बल्कि सीमापार स्थितियों को भी ध्यान में रखेगा। इस प्रकार, भारतीय कृषि को मजबूती प्रदान करने और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है।