
पूर्वी लद्दाख के न्योमा स्थित मुड में भारत का सबसे ऊंचा हवाईअड्डा लगभग तैयार है। यह हवाईअड्डा समुद्र तल से 13,700 फीट की ऊंचाई पर बना है और चीन की सीमा से महज 35 किलोमीटर दूर स्थित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 218 करोड़ रुपये है, जिसे केसीसी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा पूरा किया जा रहा है।
निर्माण कार्य और श्रमिक
इस निर्माण में गर्मियों के दौरान लगभग 450 और सर्दियों में लगभग 250 श्रमिक काम कर रहे हैं। हवाईअड्डे का तीन किलोमीटर लंबा रनवे आपातकालीन लैंडिंग के लिए उपयुक्त बनाया गया है, और इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
रणनीतिक महत्व
इस हवाईअड्डे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में भारत की सैन्य रसद और संचालन क्षमता को बढ़ाना है। परियोजना कमांडर ने बताया कि इस हवाईअड्डे की तत्काल संचालन क्षमता है, जिसका अर्थ है कि किसी भी आपात स्थिति में लैंडिंग के लिए उद्घाटन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
निष्कर्ष
यह हवाईअड्डा न केवल नागरिक उड्डयन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह रणनीतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा। इस तरह के विकास से लद्दाख क्षेत्र में सम्प्रभुता और सुरक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा।