हरियाणा सरकार ने जारी की वाहन स्क्रैपेज एवं रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति 2024

गुरुग्राम, 10 नवंबर: हरियाणा सरकार ने राज्य में पंजीकृत पुराने वाहनों के स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग को प्रोत्साहित करने के लिए “राज्य में पंजीकृत वाहन स्क्रैपेज एवं रि-साइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति 2024” अधिसूचित की है। इस नीति के अंतर्गत पुराने वाहनों को स्क्रैप करने और उनके पुर्जों को रीसायकल करने की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे पुराने वाहनों के पुर्जों का पुनः उपयोग संभव हो सकेगा और पर्यावरण में सुधार होगा।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने आज इस नीति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा पुराने डीजल वाहनों के लिए 10 साल और पेट्रोल वाहनों के लिए 15 साल की पासिंग सीमा तय किए जाने के बाद, कंडम (पुराने) वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस समस्या को हल करने के लिए हरियाणा सरकार ने यह पहल की है।
मंत्री ने कहा कि इस नीति से पुराने वाहनों के पुर्जों की रीसाइक्लिंग होने से उनके पुनः उपयोग की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा, जो न केवल पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएगा बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा। इसके अलावा, वाहन मालिकों को पुराने कंडम वाहनों के कारण सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली समस्याओं से राहत मिलेगी, जैसे सड़कों और गलियों में खड़े कंडम वाहनों का अव्यवस्थित ढंग से पार्क होना।
मुख्य विशेषताएँ:
- उद्योग को मिलेगा बढ़ावा:
- हरियाणा सरकार ने वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग को एक उद्योग का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य में नए उद्योग स्थापित करने वालों को वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा।
- राज्य सरकार नई उद्योग इकाइयों को पूंजी अनुदान और राज्य जीएसटी में प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी।
- इसके तहत सरकार उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के माध्यम से औद्योगिक भूमि पर 10 वर्ष की लीज़ पर परियोजनाएं देने का एक मॉड्यूल तैयार करेगी।
- वित्तीय सहायता:
- स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, और अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को उद्यम पूंजी निधि प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- राज्य सरकार अवसंचरण क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी, जिसमें भूमि की लागत छोड़कर संपूर्ण परियोजना का 10 प्रतिशत तथा औद्योगिक श्रेणी के डी ब्लॉक में 100 प्रतिशत और बी व सी श्रेणी के ब्लॉक में 75 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
- उत्कृष्टता केंद्र एवं कौशल विकास:
- उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान करेगी, जो अधिकतम 5 करोड़ रुपये तक का हो सकता है।
- राज्य के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार प्रदान करने वाले 10 उद्योगों को 50 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि यह नीति न केवल पर्यावरण की सुरक्षा में योगदान देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और आर्थिक वृद्धि के लिए भी एक अहम कदम साबित होगी। कंडम वाहनों के स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग से पुराने वाहनों से निकलने वाले धातु और अन्य सामग्रियों का पुनः उपयोग होगा, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
इस पहल से राज्य में वाहनों की स्क्रैपिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कंडम वाहनों की संख्या में कमी आएगी और राज्य की सुरक्षा और सौंदर्य में भी सुधार होगा।
सारांश में, हरियाणा सरकार की “वाहन स्क्रैपेज और रीसाइक्लिंग नीति 2024” राज्य के पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने वाली है, जो न केवल पुराने वाहनों से जुड़े मुद्दों को हल करेगी बल्कि राज्य की औद्योगिक और रोजगार संभावनाओं को भी बढ़ाएगी।