
फतेहाबाद, 11 नवंबर – फतेहाबाद में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। पिछले कई वर्षों से ऐसी कई घटनाएं घट चुकी हैं, लेकिन हरियाणा पुलिस प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
हाल ही में हरियाणा पुलिस के डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों और पुलिस कमिश्नरों को ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाने के प्रयास अधूरे ही हैं। स्थानीय नागरिकों का यह आरोप है कि जिन पर इस स्थिति को सुधारने की जिम्मेवारी है, वे अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि धुंध और खराब मौसम में सड़क पर चलने वाले वाहनों की गति में कमी लाने और ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, विशेष रूप से बच्चों और स्कूल वैन के संबंध में, आवश्यक कार्रवाई की मांग की जा रही है।
स्थानीय लोगों का आह्वान है कि पुलिस प्रशासन सड़क सुरक्षा के मुद्दों को प्राथमिकता दे और ठोस कदम उठाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके। वे सुनिश्चित करना चाहते हैं कि फतेहाबाद की सड़कें सभी के लिए सुरक्षित हों, और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार लाना आवश्यक हो गया है।
फतेहाबाद के भूना क्षेत्र में पाई गई धुंध के चलते एक शर्मनाक सड़क हादसा घटित हुआ, जिसमें एक 35 वर्षीय बाइक सवार की स्कूल वैन की चपेट में आकर मौत हो गई। मृतक की पहचान यूपी निवासी संजय के तौर पर की गई है। संजय दो बच्चों का पिता था, और उसकी पत्नी फिलहाल गर्भवती है, जिससे उनके परिवार में इस हादसे के बाद गहरा सदमा पहुँचा है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना आज सुबह के समय हुई। संजय बाइक पर सवार होकर जा रहा था, जब नहला गांव के एक निजी स्कूल की वैन, जो दहमान गांव से बच्चों को लेकर लौट रही थी, ने उसे टक्कर मारी। हादसे के परिणामस्वरूप संजय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
यह घटना स्पष्ट रूप से सड़क पर सुरक्षा के मुद्दों पर प्रश्न उठाती है,
इसी बीच, टोहना क्षेत्र में एक रोडवेज बस भी सड़क से नीचे उतर गई। हालांकि, इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
यह घटना स्पष्ट रूप से सड़क पर सुरक्षा के मुद्दों पर प्रश्न उठाती है, विशेषकर जब धुंध छाई हो और विज़िबिलिटी अत्यधिक कम हो। स्थानीय प्रशासन को इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यक्ता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
मृतक संजय के परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएँ और सहानुभूति है। इस कठिन समय में उन पर जो बीत रही है, उसे समझना बेहद आवश्यक है, और समुदाय को इस परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।