
गणेश स्तोत्र और आज का पंचांग
गणेश स्तोत्र
अर्थ:
जो समस्त लोकों का कल्याण करने वाले हैं, जिन्होंने गजाकार दैत्य (गणेश जी के सामने का बड़ा हाथी रूपी राक्षस) का विनाश किया है। जो लम्बोदर, श्रेष्ठ, अविनाशी और गजराज (हाथी के मुख वाला) वदन हैं। जो कृपा, क्षमा और आनंद के दाता हैं और जो यश प्रदान करते हैं, उन सर्वप्रकाशमान भगवान गणेश जी को मैं प्रणाम करता हूँ।
आज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति
🕉 श्री गणेशाय नमः, जय श्री कृष्ण 🙏🙏
🙏🙏 सब सुखी व स्वस्थ रहें 🌱🌹
- विक्रम संवत: 2081
- संवत्सर नाम: कालयुक्त
- संवत्सर राजा: मंगल
- संवत्सर मंत्री: शनि
🌕 सूर्य: दक्षिणायन, ऋतु- हेमंत
सूर्य उदय: प्रातः 6:46
सूर्य अस्त: सायं 5:25
📺 कार्तिक मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि
अंग्रेजी दिनांक: 13/11/2024
दिन: बुधवार
🌕 चंद्रमा: मीन राशि में
🥳 राशि स्वामी: गुरु
🌱 आज का नक्षत्र: रेवती
💓 नक्षत्र स्वामी: बुध
चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
- प्रातः 5:40 से रेवती नक्षत्र के चरण 1 में
- 11:03 से रेवती नक्षत्र के चरण 2 में
- सायं 4:25 से रेवती नक्षत्र के चरण 3 में
- रात्रि 9:48 से रेवती नक्षत्र के चरण 4 में
योग:
- दोपहर 3:24 तक वज्र
- इसके बाद सिद्ध योग
🪴 प्रदोष व्रत, पंचक रात्रि 3:11 तक
गंडमूल 5:40 से
शुभ दिशा: दक्षिण, पूर्व, दक्षिण-पश्चिम
दिशा शूल: उत्तर दिशा की ओर यात्रा करने से बचें, अगर अत्यंत आवश्यक हो तो धनिया या तिल खाकर प्रस्थान करें।
आज की ग्रह स्थिति:
🌷 सूर्य: तुला राशि, चित्रा और विशाखा नक्षत्र के चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी गुरु)
🛑 मंगल: कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र के चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🌱 बुद्ध (मार्गी, अस्त): वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र के चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी बुध)
🌕 गुरु (वक्री): वृष राशि, मृगशिरा नक्षत्र के चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
💃 शुक्र: धनु राशि, मूल नक्षत्र के चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी केतु)
🌊 शनि (वक्री): कुंभ राशि, शतभिषा नक्षत्र के चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
🎥 राहु: मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
🛐 केतु: कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
राहु काल:
दोपहर 12:05 से 1:26 बजे तक – कोई शुभ या नया कार्य न करें।
दैनिक लग्न सारणी:
- प्रातः 7:00 तक तुला
- 9:18 तक वृश्चिक
- 11:22 तक धनु
- दोपहर 1:05 तक मकर
- 2:33 तक कुम्भ
- 3:57 तक मीन
- सायं 5:34 तक मेष
- 7:28 तक वृष
- रात्रि 9:42 तक मिथुन
- 12:03 तक कर्क
- 2:21 तक सिंह
- 4:37 तक कन्या
निष्कर्ष:
आज का दिन विशेष रूप से वज्र और सिद्ध योग के साथ शुभ रहेगा, लेकिन राहु काल के दौरान कोई भी नया कार्य शुरू करने से बचें। चंद्रमा का मीन राशि में होना भी भावनात्मक उथल-पुथल का संकेत हो सकता है। सभी को शुभकामनाएँ!