
रांची, 13 नवंबर 2024:
झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के पहले चरण का मतदान बुधवार को शांति से संपन्न हो गया। इस चरण में राज्य के 15 जिलों की 43 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए। इस दौरान कुल 683 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, जिनमें कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। मतदान का समय शाम 5 बजे तक था, और शाम साढ़े सात बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण के मतदान में 65.27% वोटिंग दर्ज की गई, जो 2019 के विधानसभा चुनाव में हुई 63.75% वोटिंग से अधिक है।
इसका मतलब है कि इस बार पहले चरण की 43 सीटों पर 2019 के मुकाबले 1 प्रतिशत अधिक मतदान हुआ है, जो एक सकारात्मक संकेत है। चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि अंतिम आंकड़े जारी होने पर मतदान प्रतिशत में और इजाफा हो सकता है।
चर्चित चेहरे की सियासी किस्मत का फैसला
इस पहले चरण में उन चर्चित नेताओं की किस्मत दांव पर लगी थी, जिनके बारे में राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा रही। इनमें चंपई सोरेन, बन्ना गुप्ता, महुआ माजी, गीता कोड़ा, और पूर्णिमा दास जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं। ये सभी नेता अपनी-अपनी सीटों पर चुनावी मैदान में थे, और उनके निर्वाचन क्षेत्र में भारी संख्या में वोटिंग देखी गई।
- चंपई सोरेन: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के छोटे भाई और आदिवासी नेता चंपई सोरेन इस चुनावी दौर में अपनी सीट पर कड़ी टक्कर दे रहे हैं।
- बन्ना गुप्ता: स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी अपनी सीट पर प्रतिष्ठा दांव पर लगाए हुए थे।
- महुआ माजी और गीता कोड़ा: ये दोनों महिला नेता झारखंड के आदिवासी और दलित समुदायों के बीच अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं, और उनकी चुनावी किस्मत भी जनता के हाथों में थी।
- पूर्णिमा दास: इनकी उम्मीदवारी भी चर्चा का विषय बनी हुई थी, और उनकी सीट पर भी मतदान की गतिविधि काफी बढ़ी हुई देखी गई।
मतदान प्रतिशत का विवरण
पहले चरण में जिन 43 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, उनमें से कई सीटों पर मतदान प्रतिशत 2019 के मुकाबले बेहतर रहा। कुछ सीटों पर मतदाता जागरूकता और मतदान प्रक्रिया को लेकर उत्साह देखा गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में प्रचार और राजनीतिक दलों के प्रयासों का असर दिखाई दिया।
विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कुल 683 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे, जिनमें से प्रमुख उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। झारखंड में आदिवासी और पिछड़े वर्गों का वोट अहम होता है, और पहले चरण के मतदान ने यह भी दर्शाया कि प्रदेश के लोग लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को लेकर जागरूक हैं।
चुनाव आयोग का बयान
चुनाव आयोग ने इस दौरान शांतिपूर्ण मतदान की पुष्टि करते हुए कहा कि मतदान प्रक्रिया में कोई बड़ी परेशानी या हिंसा की घटना नहीं हुई। आयोग ने यह भी कहा कि मतदान के दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद थी और अधिकारी मौके पर तैनात रहे।
अंतिम आंकड़े के अनुसार, मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि कई स्थानों से अंतिम समय में वोटिंग बढ़ने की सूचना है। अब सभी की नजरें दूसरे चरण के मतदान पर हैं, और यह देखा जाएगा कि इस चरण में किस तरह का मतदान प्रतिशत रिकॉर्ड किया जाता है।