
चंडीगढ़, 12 नवंबर 2024:
हरियाणा सरकार ने राज्य में पिछले पांच वर्षों से अनुबंध पर कार्यरत एक लाख 20 हजार कच्चे कर्मचारियों की नौकरी को 58 साल की उम्र तक सुरक्षित रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले को विधानसभा सत्र में सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई है, और अब इसे हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) विधेयक-2024 के रूप में कानून का दर्जा मिल गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में इस विधेयक को पेश करते हुए कहा कि यह कदम राज्य के लाखों संविदात्मक कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय हमारे कच्चे कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जिससे उन्हें नौकरी की सुरक्षा मिलेगी और वे अपनी सेवा में स्थिरता महसूस करेंगे। इससे हरियाणा सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है कि हम अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए हमेशा तत्पर हैं।”
कच्चे कर्मचारियों को मिलेगी नौकरी की स्थिरता
मुख्यमंत्री ने इस फैसले की व्याख्या करते हुए कहा कि HKRN (हरियाणा कौशल रिक्रूटमेंट सिस्टम) के तहत कार्यरत ये कर्मचारियों, जो वर्षों से अनुबंध पर काम कर रहे थे, अब 58 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा का लाभ उठा सकेंगे। सरकार ने इस निर्णय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि इन कर्मचारियों के लिए भविष्य में कोई अनिश्चितता न हो और वे पूरी सुरक्षा के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर सकें।
यह विधेयक केवल नौकरी की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों की मेहनत और योगदान को भी सम्मानित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे संविदात्मक कर्मचारी राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और उनके श्रम का सम्मान किया जाना चाहिए। इस कदम से उन्हें लंबे समय तक सरकारी सेवाओं में स्थायित्व मिलेगा, जिससे वे अपने परिवारों का भरण-पोषण और भविष्य की योजनाओं में विश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे।”
विधेयक की प्रमुख विशेषताएँ:
- 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा: विधेयक के अंतर्गत, सभी कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा मिल सकेगी।
- वेतन और अन्य लाभ: संविदात्मक कर्मचारियों को अब सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन और अन्य लाभ मिलेंगे।
- स्थायीत्व का आश्वासन: कर्मचारियों को लंबी अवधि तक नौकरी का स्थायीत्व मिलेगा, जिससे उनके मानसिक शांति और कार्य में मनोबल में वृद्धि होगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और समर्थन
विधानसभा में विपक्ष ने भी इस फैसले का स्वागत किया। विपक्ष के नेता ने कहा, “यह सरकार का एक सही और जरूरी कदम है, जिससे कर्मचारियों को भविष्य के लिए सुरक्षा मिलेगी। यह कदम उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा लाएगा, जो आज की बदलती अर्थव्यवस्था में अत्यंत आवश्यक है।”
इस विधेयक के पारित होने के बाद हरियाणा राज्य के कर्मचारियों के बीच खुशी की लहर है, क्योंकि लंबे समय से ये कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असमंजस में थे। अब इस नई नीति के तहत उन्हें आश्वासन मिल गया है कि उनकी सेवाएं लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी।
हरियाणा में सरकारी सेवाओं में सुधार
हरियाणा सरकार का यह कदम राज्य के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी जीत है। इसके साथ ही, यह राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों के कल्याण के लिए किए गए अन्य सुधारों का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए और भी योजनाएं तैयार कर रही है, ताकि उन्हें बेहतर जीवन जीने का अवसर मिले और वे अपने काम में अधिक प्रेरित महसूस करें।