
वाराणसी, उत्तर प्रदेश, 13 नवंबर – दीपों से जगमग घाट पर, मां गंगा की अप्रतिम और अविस्मरणीय आरती का दृश्य इस बार पहली बार डिजिटल रूप से भी देखा जा सकेगा। यह दृश्य एक वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के लोगों तक पहुंचेगा। विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो काशी के सांसद भी हैं, दिल्ली से इस भव्य आयोजन के साक्षी बनेंगे। देव दीपावली के अवसर पर 15 नवंबर को वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती का आयोजन होगा, जिसे अब लोग ऑनलाइन देख सकेंगे।
दीपों से जगमग घाट पर गंगा आरती
गंगा आरती की एक विशेष छटा देखने को मिलेगी।
15 नवंबर को देव दीपावली के पर्व पर वाराणसी के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की एक विशेष छटा देखने को मिलेगी। इस दिन घाट पर लाखों दीपों की रोशनी से वातावरण रोशन हो जाएगा और मां गंगा की महिमा का गीत गाया जाएगा। यह अवसर न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक वाराणसी आएंगे, ताकि वे इस अद्भुत दृश्य का अनुभव कर सकें। इस बार, इस भव्य गंगा आरती का प्रसारण गंगा सेवा निधि की ओर से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, ताकि यह कार्यक्रम देश-विदेश के लोगों तक पहुंच सके।
गंगा सेवा निधि द्वारा लाइव प्रसारण
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इस वर्ष देव दीपावली का लाइव प्रसारण पहली बार वेबसाइट पर किया जाएगा। वेबसाइट gangasevanidhi.in का शुभारंभ 15 नवंबर को होगा, जब देव दीपावली का महोत्सव शुरू होगा। यह पहली बार होगा जब लोग इस वेबसाइट के माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन को देख सकेंगे।
इस साल की विशेषता यह भी है कि गंगा सेवा निधि द्वारा “एक संकल्प गंगा किनारे” नामक एक अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत लाखों लोग गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने का संकल्प लेंगे। इसके अलावा, पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर भी जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य अतिथि और सम्मानित व्यक्ति
देव दीपावली महोत्सव के दौरान कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। मुख्य अतिथि के रूप में एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद, भारतीय थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेन गुप्ता, श्रीआनंदम धाम ट्रस्ट के सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज, अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी और प्रदेश सरकार के मंत्रीगण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
सांस्कृतिक संध्या
गंगा आरती के बाद सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें भोजपुरी कला का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। प्रसिद्ध भोजपुरी कलाकार मोहन राठौर अपने नौ साथी कलाकारों के साथ प्रस्तुति देंगे। इसके अतिरिक्त, उपशास्त्रीय गायिका प्रोफेसर रेवती साकलकर और अन्य कलाकारों द्वारा भी संगीत कार्यक्रम होगा, जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देगा।
शौर्य रजत जयंती
इस बार के देव दीपावली महोत्सव में शौर्य रजत जयंती भी मनाई जाएगी, जो इस आयोजन को और भी खास बना देगी। शौर्य रजत जयंती के आयोजन के दौरान विशेष कार्यक्रम और सम्मान समारोह होंगे, जो भारतीय सैनिकों और शौर्य की भावना को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
यह भव्य आयोजन पूरी दुनिया के लोगों तक पहुंच सकेगा।
इस वर्ष देव दीपावली महोत्सव सिर्फ आध्यात्मिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि यह एक तकनीकी दृष्टि से भी अहम पहल है, क्योंकि इसके माध्यम से यह भव्य आयोजन पूरी दुनिया के लोगों तक पहुंच सकेगा। गंगा आरती का ऑनलाइन प्रसारण एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें डिजिटल माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की पहुंच व्यापक होगी।