
उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर
गुडगाँव, 15 नवंबर 2024 – मुकेश कुल्थिया, एडवोकेट, गुड़गांव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि वे 18 नवंबर 2024 को गुडगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में एसडीएम बादशाहपुर, अंकित चौकसे और अधीक्षक परिवहन आयुक्त हरियाणा, वरिंदर शर्मा के खिलाफ बीएनएस/बीएनएसएस (आईपीसी/सीआरपीसी) के तहत आप्राधिक शिकायत दर्ज करेंगे। उनके अनुसार, दोनों अधिकारियों को भारत के कानूनों का उल्लंघन करने, जालसाजी, और हेराफेरी में संलिप्त पाया गया है।
साक्ष्यों का विवरण
उनके पास दस्तावेजी साक्ष्य हैं
कुल्थिया ने दावा किया है कि उनके पास दस्तावेजी साक्ष्य हैं, जो यह साबित करते हैं कि अंकित चौकसे और वरिंदर शर्मा ने अपने सार्वजनिक कर्तव्यों का उल्लंघन किया और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की। उन्होंने कहा कि ये दोनों अधिकारियों ने जानबूझकर कानूनी प्रक्रियाओं में हेराफेरी की और जालसाजी को बढ़ावा दिया।
अधिकारियों के खिलाफ आरोप
अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पदस्थापना का गलत उपयोग किया और सार्वजनिक हित में किए जाने वाले कार्यों में अन्यायपूर्ण तरीके से हस्तक्षेप किया। इसके अलावा, दोनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों को नजरअंदाज करते हुए भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
कुल्थिया ने कहा कि वे सोमवार को गुडगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपनी आपराधिक शिकायत दर्ज करेंगे, जिसमें आईपीसी और सीआरपीसी के तहत गंभीर आरोप लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस शिकायत के बाद दोनों अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुल्थिया ने इस बात को स्पष्ट किया कि वे यह कदम सार्वजनिक हित और न्याय की खातिर उठा रहे हैं, ताकि कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और कोई भी अधिकारी अपनी स्थिति का गलत उपयोग न कर सके।
आगे की कार्रवाई
इस मामले में अब तक की जानकारी के अनुसार, अगर अदालत इस शिकायत पर संज्ञान लेती है, तो दोनों अधिकारियों के खिलाफ आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी रहेगी। यह मामला गुड़गांव और हरियाणा के प्रशासनिक तंत्र में एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है, क्योंकि यह सवाल उठाता है कि क्या सार्वजनिक अधिकारी अपनी दायित्वों और जिम्मेदारियों के प्रति ईमानदार हैं।