
गुरुग्राम, 15 नवंबर 2024 – गुरुग्राम पुलिस ने साईबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आज 15 नवंबर 2024 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक प्रियांशु दीवान HPS, सहायक पुलिस आयुक्त (साईबर अपराध), गुरुग्राम के नेतृत्व में थाना सैक्टर-53, गुरुग्राम के क्षेत्र में स्थित विभिन्न आवासीय सोसायटियों (RWA) के पदाधिकारियों और अध्यक्षों के साथ हुई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य साईबर अपराधों से लोगों को बचाने और साईबर सुरक्षा के बारे में उन्हें जागरूक करना था। बैठक में साईबर ठगी, धोखाधड़ी, और अन्य साईबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि आम जनता इन अपराधों से सुरक्षित रह सके।
साईबर अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता
बैठक के दौरान आरडब्ल्यूए अध्यक्षों और पदाधिकारियों को बताया गया कि साईबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। इन ठगों द्वारा किया जाने वाला धोखाधड़ी से लोगों को न केवल मानसिक और सामाजिक नुकसान होता है, बल्कि आर्थिक नुकसान भी होता है। ठगों द्वारा किए जाने वाले सामान्य तरीकों में शेयर बाजार में निवेश का लालच, कस्टम अधिकारी/पुलिस अधिकारी बनकर धोखाधड़ी, नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के नाम पर वसूली आदि प्रमुख हैं।
इसके अलावा, पुलिस ने आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को साईबर अपराधों से बचने के उपाय भी बताए। जैसे:
- अंजान लिंक पर क्लिक न करें
- अपने एटीएम/क्रेडिट कार्ड के पासवर्ड समय-समय पर बदलें
- किसी से भी अपने बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें
- ऑनलाइन वाइन डिलीवरी के लिए गूगल पर कस्टमर नंबर न खोजें, क्योंकि इससे साईबर ठगी का खतरा हो सकता है
साईबर सुरक्षा के बारे में जागरूकता
इस कार्यक्रम में बताया गया कि साईबर अपराधों से बचने के लिए साईबर सुरक्षा की जानकारी अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए साईबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और डायल 112 जैसे आपातकालीन नंबरों का उपयोग किया जा सकता है। जब भी किसी प्रकार के साईबर अपराध का सामना हो, तो तुरंत इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, जिससे साईबर ठगी की घटनाओं को रोका जा सके।
सभी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को यह भी बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में जाकर स्थानीय निवासियों को साईबर अपराधों और नशे के खिलाफ जागरूक करेंगे।
साईबर हेल्पलाइन और अन्य सुविधाओं की जानकारी
बैठक में साईबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और डायल 112 की जानकारी दी गई। साथ ही, पुलिस आयुक्त गुरुग्राम द्वारा जारी किए गए पत्र को भी सभी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ साझा किया गया, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में साईबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाने में सहयोग कर सकें।
इस बैठक में पुलिस टीम और विभिन्न सोसाइटी के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, सभी आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों को साईबर मार्शल ग्रुप में शामिल किया गया, जिससे वे साईबर अपराधों के प्रति और अधिक जागरूकता फैला सकें।
सारांश में, यह बैठक गुरुग्राम पुलिस द्वारा साईबर अपराधों से सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आम नागरिकों को साईबर ठगी से बचाने और सुरक्षित डिजिटल अनुभव सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा योगदान देगी।