
नई दिल्ली, 16 नवंबर: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर से बहुत बढ़ गया है, और राजधानी एक बार फिर ‘गैस चैंबर’ जैसी स्थिति में आ गई है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार चला गया है, जो बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है। हवा में धुंआ और धुंध की मोटी परत छाई हुई है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और आंखों में जलन महसूस हो रही है।
शनिवार को दिल्ली का AQI कई स्थानों पर 400 के पार दर्ज हुआ, खासकर इंडिया गेट, प्रगति मैदान, आईटीओ और आसपास के इलाकों में। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इंडिया गेट के आस-पास का AQI 414, जबकि प्रगति मैदान और आईटीओ का AQI 357 तक पहुंच चुका है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में हवा की गुणवत्ता “गंभीर” श्रेणी में है और यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है।
धुंआ और धुंध से खराब दृश्यता: जिससे दृश्यता में भारी गिरावट आई।
राजधानी में स्मॉग और धुंध की चादर फैल गई, जिससे दृश्यता में भारी गिरावट आई। दिल्ली में अधिकतर इलाकों में लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हो रही है और सांस लेना मुश्किल हो रहा है। कई क्षेत्रों में प्रदूषण का असर खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों पर पड़ा है।
प्रदूषण के कारण और सरकारी उपाय:डीजल वाहनों का अत्यधिक उपयोग और पराली जलाने की समस्या शामिल है।
दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारणों में डीजल वाहनों का अत्यधिक उपयोग और पराली जलाने की समस्या शामिल है। इस समय उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में फसल की पराली जलाए जाने की वजह से दिल्ली में प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ गया है। वहीं, दिल्ली सरकार ने इस पर काबू पाने के लिए जुर्माने की राशि भी दोगुनी कर दी है, लेकिन इसके बावजूद लोग इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी मनीराम गोयल ने बताया, “प्रदूषण के कारण मुझे छाती में जलन और आंखों में तकलीफ हो रही है। डीजल वाहनों और पराली जलाने का यह मुख्य कारण है। सरकार ने जुर्माना बढ़ा दिया है, लेकिन लोग अभी भी इसकी अनदेखी कर रहे हैं।”
गंभीर प्रदूषण की स्थिति:दिल्ली के कई इलाकों में अब भी AQI “गंभीर” श्रेणी में है
दिल्ली के कई इलाकों में अब भी AQI “गंभीर” श्रेणी में है, जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। सीपीसीबी के मुताबिक, सर्दियों में हवा की दिशा और गति बदलने से प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ गया है। इसके अलावा, दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में यमुना नदी में जहरीला झाग तैरता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे नदी का प्रदूषण भी गंभीर स्थिति में है।
आगे की चुनौतियाँ:प्रयासों के बावजूद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे ऑड-ईवन योजना और पराली जलाने पर जुर्माना, लेकिन इन प्रयासों के बावजूद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन पड़ोसी राज्यों से आ रही डीजल बसों और वाहनों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है, जो दिल्ली की प्रदूषण समस्या को और बढ़ा रहे हैं।
हालांकि, दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए अनेक उपाय किए गए हैं, लेकिन प्रदूषण में नियंत्रण पाने के लिए पूरी दिल्ली और इसके आसपास के राज्यों से सहयोग की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में सामूहिक रूप से काम नहीं किया गया तो वायु प्रदूषण की स्थिति और भी विकट हो सकती है।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति अब ‘गैस चैंबर’ जैसी बन गई है,
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति अब ‘गैस चैंबर’ जैसी बन गई है, जहां हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से खराब हो चुकी है। लोग सांस लेने में परेशानी महसूस कर रहे हैं और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगी हैं। सरकार को इस स्थिति पर काबू पाने के लिए और अधिक कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, साथ ही प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती से नियंत्रण लगाया जाना चाहिए। यदि इसी तरह से प्रदूषण पर काबू नहीं पाया गया, तो दिल्ली का पर्यावरण और लोगों का स्वास्थ्य गंभीर संकट में पड़ सकता है।