
नई दिल्ली, 17 नवंबर 2024 – दिल्ली में शनिवार के मुकाबले रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में 24 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद राजधानी में प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। रविवार को दिल्ली का AQI 441 के स्तर पर पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक AQI है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण को सोमवार, 18 नवंबर से लागू करने का निर्णय लिया है।
GRAP-4 के तहत उठाए गए कदम:
- भारी वाहनों पर प्रतिबंध
GRAP-4 लागू होने के साथ ही दिल्ली में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। केवल जरूरी सामान लेकर आने वाले ट्रकों और एलएनजी, सीएनजी, और इलेक्ट्रिक ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अन्य सभी प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और वाणिज्यिक वाहनों का दिल्ली में प्रवेश रोक दिया गया है। - 50% कर्मचारियों को घर से काम करने का आदेश
सरकारी और निजी कार्यालयों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है ताकि सड़कों पर वाहन कम हों और लोगों की संख्या भी सीमित हो। - एनसीआर राज्यों में ऑनलाइन शिक्षा की सिफारिश
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनसीआर के राज्यों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान) की सरकारों से 6वीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सिफारिश की है। इससे बच्चों को प्रदूषण से बचाया जा सकेगा, जो शारीरिक रूप से संवेदनशील होते हैं और प्रदूषण के प्रभाव से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। - सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 वाहनों के लिए प्रवेश की अनुमति
ग्रैप-4 के तहत, दिल्ली में केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और बीएस-6 मानक वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति मिलेगी। अन्य सभी प्रदूषण फैलाने वाले पुराने और डीजल वाहनों का दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति:
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बहुत गंभीर हो गई है। रविवार को दिल्ली का AQI 441 के स्तर पर पहुंच गया, जो “खतरनाक” श्रेणी में आता है। इस स्तर पर वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक हो सकता है और इससे सांस संबंधी समस्याओं के साथ-साथ आंखों में जलन, गले में खिचकन और खांसी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। खासतौर पर अस्थमा और दमा के मरीजों को इस प्रदूषण से बहुत अधिक परेशानी हो रही है।
इसके अतिरिक्त, दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का स्तर इतने अधिक बढ़ चुका है कि दिन के समय भी हल्की धुंध जैसी स्थिति बन गई है, जिससे सूर्य की रोशनी भी कमजोर महसूस हो रही है। यह स्थिति सामान्य लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और विशेष रूप से अस्थमा के रोगियों के लिए भी बहुत खतरनाक हो सकती है।
आगे की स्थिति:
वायु गुणवत्ता में सुधार होने तक, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने GRAP-4 के तहत और भी कड़े कदम उठाने की योजना बनाई है। अगर प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब रहती है, तो सरकारी अधिकारियों ने और कड़े उपायों को लागू करने का संकेत दिया है, जैसे निर्माण गतिविधियों पर रोक, बिजली संयंत्रों के कोयला आधारित इकाइयों को बंद करना, और प्रदूषण नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कदम उठाना।
कड़ी निगरानी और उपायों की आवश्यकता:
इस समय दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति पर कड़ी निगरानी की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण की स्थिति और खराब होती है तो दिल्ली में ऑड-ईवन योजना, निर्माण कार्यों पर पाबंदी, और कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को बंद करने जैसे उपायों को भी लागू किया जा सकता है। इसके अलावा, दिल्ली के सड़कों पर डीजल और पुराने वाहन अब पूरी तरह से प्रतिबंधित किए जा सकते हैं।
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है और इसे नियंत्रण में लाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने प्रदूषण के इस स्तर से निपटने के लिए GRAP-4 के तहत कई जरूरी कदम उठाए हैं, लेकिन प्रदूषण में और बढ़ोतरी के साथ और कड़े उपायों की आवश्यकता हो सकती है। नागरिकों को भी इस समय घरों में रहने की सलाह दी जा रही है, और आवश्यक रूप से मास्क पहनने की चेतावनी दी गई है।