
अमरावती: आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र, चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी देश के गृहमंत्री अमित शाह को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान की गई कुछ गतिविधियों को लेकर भेजा गया है, जिन्हें चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जा रहा है।
राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर की जांच
राहुल गांधी के हेलिकॉप्टर की जांच की गई है क्योंकि उनके द्वारा चुनाव प्रचार के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करने पर सवाल उठे थे। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग को शिकायत मिली थी कि राहुल गांधी ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए हेलिकॉप्टर का उपयोग किया। इसके बाद चुनाव आयोग ने जांच शुरू कर दी और हेलिकॉप्टर की उड़ान के दौरान सुरक्षा मानकों और नियमों का पालन किया गया या नहीं, इसकी विस्तृत जांच की गई।
जांच में इस बात की जांच की गई कि राहुल गांधी का हेलिकॉप्टर उड़ान भरने के लिए निर्धारित नियमों के तहत था या नहीं, विशेषकर उस समय जब यह चुनावी इलाकों में यात्रा कर रहा था। आयोग के अधिकारियों ने हेलिकॉप्टर की उड़ान से जुड़ी सभी जानकारी एकत्र की और जांच के बाद उन्होंने राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार, जांच में हेलिकॉप्टर से जुड़ी कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई, लेकिन चुनाव आयोग ने सुरक्षा और आचार संहिता के उल्लंघन के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए राहुल गांधी को नोटिस भेजा है। चुनाव आयोग का कहना है कि यदि राहुल गांधी ने नियमों का उल्लंघन किया तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
देश के गृहमंत्री अमित शाह को भी भेजा गया नोटिस
वहीं, देश के गृहमंत्री अमित शाह को भी चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनके द्वारा किए गए कुछ हालिया चुनावी भाषणों और प्रचार गतिविधियों को लेकर भेजा गया है। आरोप है कि अमित शाह ने अपने भाषणों में जातिगत बयान दिए और चुनावी प्रचार के दौरान सरकारी योजनाओं का प्रचार किया, जो आचार संहिता का उल्लंघन कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने अमित शाह से इस मामले में भी स्पष्टीकरण मांगा है और उनसे 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है।
अमित शाह पर आरोप है कि उन्होंने अपने भाषणों में चुनावी लाभ के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का राजनीतिक उपयोग किया और जातिगत टिप्पणियां कीं, जो चुनाव आयोग के नियमों के खिलाफ हो सकती हैं। आयोग ने कहा कि अगर वे इस मुद्दे पर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख
चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इस बार चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के उल्लंघन को गंभीरता से लेगा और अगर किसी नेता या पार्टी के खिलाफ नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो वह उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। आयोग ने यह भी कहा कि चुनावी प्रचार के दौरान किसी भी नेता को अपने भाषणों में उकसाने वाले या विवादित बयान देने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा,
चुनाव आयोग के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट होता है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा, और आयोग चुनावी निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह से तत्पर है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की गई है,
राहुल गांधी और अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने पर दोनों नेताओं के दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध के तहत की गई है, जबकि भाजपा ने इसे चुनावी आचार संहिता के पालन के रूप में स्वीकार किया है।
कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी आचार संहिता का पालन करते आए हैं और इस नोटिस का कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, भाजपा ने कहा कि अमित शाह के भाषणों में कोई विवाद नहीं था और उनके बयान पूरी तरह से संविधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के अंतर्गत थे।
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