
हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक भागीदारी से राज्य के प्रत्येक जिले में ऑटोमेटेड टैस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाए: नवदीप सिंह विर्क, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (ट्रांसपोर्ट)
गुरुग्राम, 17 नवंबर 2024: हरियाणा सरकार ने राज्य के प्रत्येक जिले में ऑटोमेटेड टैस्टिंग स्टेशन (ATS) स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस कदम का उद्देश्य पर्यावरणीय सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देना है।
आज गुरूग्राम में आयोजित एक बैठक में भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने आरवीएसएफ (पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा) संचालकों के साथ सार्थक चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वाहनों के मैन्युअल परीक्षण को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) की ओर शिफ्ट करना था। साथ ही, वाहन स्क्रैपिंग के अनौपचारिक व्यापार को औपचारिक रूप से पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) के अंतर्गत लाकर एक लाभकारी और व्यावसायिक इकाई के रूप में संचालित करना था।
बैठक का सार
बैठक में गुरूग्राम के डीसी, अजय कुमार ने सचिव वी. उमाशंकर का स्वागत किया और बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अपर सचिव महमूद अहमद, हरियाणा के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (ट्रांसपोर्ट) नवदीप सिंह विर्क, और एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर मनीता मलिक भी उपस्थित थे।
सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि भारत सरकार का लक्ष्य 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का है, और इसके लिए सभी क्षेत्रों को इस दिशा में काम करना होगा। उन्होंने व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत इस क्षेत्र में रोजगार सृजन पर जोर दिया और साथ ही, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका कहना था कि नई स्क्रैपेज पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य अनफिट वाहनों की पहचान करना और उन्हें उचित तरीके से रिसाइकल करना है, जिससे प्रदूषण को कम किया जा सके।
वाहन स्क्रैपिंग को औपचारिक व्यापार में बदलने की योजना
वी. उमाशंकर ने यह भी कहा कि वाहन स्क्रैपिंग को एक औपचारिक व्यवसाय के रूप में स्थापित करना न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है, बल्कि यह एक स्टार्ट-अप सेक्टर के रूप में उभर सकता है। उन्होंने आरवीएसएफ संचालकों से यह सुझाव भी लिया कि इस प्रणाली को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है और किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
ऑटोमेटेड टैस्टिंग स्टेशन (ATS) पर चर्चा
बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु था – मैन्युअल टेस्टिंग स्टेशनों को ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में परिवर्तित करने की योजना। इस पर चर्चा करते हुए, विभिन्न राज्यों में किए गए प्रयासों और मॉडल का अध्ययन किया गया। हरियाणा सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी (ट्रांसपोर्ट) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि राज्य सरकार सार्वजनिक भागीदारी के तहत राज्य के प्रत्येक जिले में ATS स्थापित करने की योजना पर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि मानेसर स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) को इस प्रोजेक्ट का तकनीकी सलाहकार बनाया गया है और एक एमओयू ड्राफ्ट अंडर प्रोसेस है। इसके अलावा, गुजरात के मॉडल का भी अध्ययन किया जा रहा है, ताकि हरियाणा में सबसे प्रभावी और आधुनिक ATS स्थापित किया जा सके।
हरियाणा में वाहन स्क्रैपिंग के आंकड़े
नवदीप सिंह विर्क ने बैठक में यह जानकारी भी दी कि हरियाणा में 15 आरवीएसएफ सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, 28 अक्टूबर 2024 तक 11,000 से अधिक पुराने वाहन स्क्रैप किए गए हैं, जिनमें 307 सरकारी वाहन भी शामिल हैं। यह आंकड़ा राज्य सरकार के व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत उठाए गए कदमों की सफलता को दर्शाता है।
बैठक में हुई प्रमुख चर्चा
बैठक में चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि एंड ऑफ लाइफ व्हीकल (ELV) के मालिकों और आरवीएसएफ संचालकों के बीच बेहतर संचार तंत्र स्थापित करने के लिए और प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा, ईएलवी के मूल्य से संबंधित जानकारी के लिए एक बेहतर प्लेटफार्म स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
वाहन स्क्रैपिंग और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक संगठित
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वाहन स्क्रैपिंग और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक संगठित, औपचारिक और पारदर्शी प्रणाली को लागू करना था। हरियाणा सरकार ने ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और आरवीएसएफ के मॉडल को राज्यभर में लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह पहल न केवल प्रदूषण नियंत्रण के लिए जरूरी है, बल्कि रोजगार सृजन और स्वच्छ परिवहन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देने वाली है।