
गुरुग्राम, 21 नवंबर:
हरियाणा के चार जिलों—करनाल, पानीपत, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र—के 658 गांवों में शमशान घाट और कब्रिस्तानों के पुनरुद्धार के लिए 50 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। यह कार्य हरियाणा सरकार की शिवधाम योजना के तहत किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत पॉवरग्रिड और विकास एवं पंचायत विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू पर हस्ताक्षर और योजना का उद्देश्य
पॉवरग्रिड, भारत की नवरत्न कंपनियों में से एक, अपनी सीएसआर स्कीम (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत यह पुनर्निर्माण कार्य करेगा। इस कार्यक्रम में कुल 49 करोड़ 94 लाख 39 हजार रुपए की राशि खर्च की जाएगी। पुनरुद्धार के तहत इन गांवों के शमशान घाट और कब्रिस्तानों में चारदीवारी, पक्का रास्ता, शेड और पेयजल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि सीएसआर स्कीम के तहत कॉरपोरेट कंपनियां ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्थान में अत्यधिक योगदान दे रही हैं, जो बहुत सराहनीय कदम है।
वित्तीय वितरण और लागत
डॉ. जयकिशन अभीर, विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक, ने बताया कि इन 658 गांवों में पुनर्निर्माण कार्य के लिए चार जिलों के तहत खर्च की जाने वाली राशि इस प्रकार है:
- करनाल के 198 गांवों में 10 करोड़ 97 लाख 80 हजार रुपए
- कुरुक्षेत्र के 237 गांवों में 18 करोड़ 46 लाख 29 हजार रुपए
- पानीपत के 106 गांवों में 5 करोड़ 15 लाख 20 हजार रुपए
- रेवाड़ी के 117 गांवों में 15 करोड़ 35 लाख रुपए
सीएसआर बोर्ड और ट्रस्ट की भूमिका
यह परियोजना हरियाणा में सीएसआर बोर्ड के गठन के बाद शुरू हुई थी। नवंबर 2018 में हरियाणा राज्य सीएसआर ट्रस्ट का गठन हुआ, जिसे मार्च 2021 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में और मजबूत किया गया। 2018 से 2024 तक इस ट्रस्ट के तहत 750 करोड़ रुपए के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, और इस वित्तीय वर्ष में 350 करोड़ रुपए के और कार्य किए जाएंगे।
इस मौके पर पावरग्रिड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आर. के. त्यागी, वाणिज्य, उद्योग, वन और पर्यावरण मंत्री राव नरवीर सिंह, सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कमिश्नर आर. सी. बिढान, डीसी अजय कुमार और सीएसआर ट्रस्ट हरियाणा के एडिशनल सीईओ गौरव सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।