
श्लोक:
आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि । योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते ।।
अर्थ:
यह श्लोक देवी महालक्ष्मी की स्तुति में है। देवी को “आदि-अन्तरहित” (जो समय और काल से परे हैं), “आदिशक्ति” (प्रारंभ से उत्पन्न होने वाली शक्ति), और “महेश्वरि” (ईश्वर की शक्तिशाली रूप) के रूप में संबोधित किया गया है। साथ ही, उन्हें योग से उत्पन्न और योग के माध्यम से अवतरित देवी कहा गया है।
आज का पंचांग एवं ग्रहों की स्थिति:
विक्रम संवत: 2081
संवत्सर नाम: कालयुक्त
संवत्सर राजा: मंगल
संवत्सर मंत्री: शनि
सूर्य:
- दक्षिणायन (गर्मियों से ठंडे मौसम की ओर)
- ऋतु: हेमंत
- सूर्य उदय: प्रातः 6:54
- सूर्य अस्त: सायं 5:21
मास: मार्गशीर्ष (कृष्ण पक्ष)
- तिथि: सप्तमी (सायं 6:08 तक)
- अंग्रेजी दिनांक: 22 नवम्बर 2024
- दिन: शुक्रवार
चंद्रमा की स्थिति:
- चंद्रमा: कर्क राशि में 6:09 तक, फिर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
- राशि स्वामी: चंद्रमा
- नक्षत्र: आश्लेषा (सायं 5:10 तक), फिर मघा
- नक्षत्र स्वामी: शनि / बुध
चंद्रमा का नक्षत्र प्रवेश:
- प्रात: 10:47 से आश्लेषा नक्षत्र चरण 4 में
- सायं 4:19 से मघा नक्षत्र चरण 1 में
- रात्रि 11:44 से मघा नक्षत्र चरण 2 में
योग:
- ब्रह्म योग: प्रात: 11:34 तक
- ऐंद्र योग: इसके बाद
शक मार्गशीर्ष प्रारंभ, गण्डमूल (यह विशेष प्रकार की शक नक्षत्र स्थिति है।)
दिशा शूल:
- शुभ दिशाएं: पूर्व, उत्तर, उत्तर-पूर्व
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा की ओर यात्रा से बचें, यदि यात्रा आवश्यक हो तो जौ खाकर यात्रा करें।
आज की ग्रह स्थिति:
- सूर्य:
- वृश्चिक राशि, अनुराधा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
- रात्रि 10:07 से चरण 2 में प्रवेश करेंगे।
- मंगल:
- कर्क राशि, पुष्य नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
- बुद्ध (मार्गी, अस्त):
- वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र चरण 3 में (नक्षत्र स्वामी बुध)
- प्रात: 6:49 से चरण 4 में प्रवेश करेंगे।
- गुरु (वक्री):
- वृष राशि, मृगशिरा नक्षत्र चरण 1 में (नक्षत्र स्वामी मंगल)
- शुक्र:
- धनु राशि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शुक्र)
- शनि:
- कुंभ राशि, शतभिषा नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी राहु)
- राहु:
- मीन राशि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र चरण 2 में (नक्षत्र स्वामी शनि)
- केतु:
- कन्या राशि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र चरण 4 में (नक्षत्र स्वामी सूर्य)
राहु काल:
- समय: प्रात: 10:47 से दोपहर 12:07 तक
- विशेष ध्यान: इस समय में कोई शुभ या नया कार्य न करें।
दैनिक लग्न सारणी:
- प्रात: 6:23 तक: तुला
- 8:43 तक: वृश्चिक
- 10:47 तक: धनु
- दोपहर 12:30 तक: मकर
- 1:58 तक: कुम्भ
- 3:22 तक: मीन
- सायं 4:58 तक: मेष
- 6:53 तक: वृष
- रात्रि 9:07 तक: मिथुन
- 11:28 तक: कर्क
- 1:46 तक: सिंह
- 4:02 तक: कन्या
यह पंचांग न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उपयोगी है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। ग्रहों की स्थिति, शुभ और अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र, तथा राहु काल जैसी जानकारी व्यक्ति के दैनिक कार्यों में मार्गदर्शन करती है।