
संभल, उत्तर प्रदेश, 22 नवंबर: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जुम्मे की नमाज को लेकर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं, विशेष रूप से जामा मस्जिद के आसपास। सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट वायरल हुई, जिसमें जुम्मे की नमाज के लिए ज्यादा से ज्यादा नमाजियों को जामा मस्जिद में आने के लिए कहा गया था। इस पोस्ट के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
संभल में जामा मस्जिद को लेकर विवाद:
इस मुद्दे ने सामाजिक माहौल को गरमा दिया
यह विवाद तब बढ़ा जब कुछ लोग जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताने का दावा करने लगे। इस मुद्दे ने सामाजिक माहौल को गरमा दिया और प्रशासन को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सक्रिय किया। इसके बाद, बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर जुम्मे की नमाज को लेकर मस्जिद में ज्यादा से ज्यादा नमाजियों को बुलाने की अपील वाली पोस्ट को लेकर पुलिस प्रशासन ने और ज्यादा सतर्कता दिखाई।
सुरक्षा के इंतजाम:
आरआरएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की अतिरिक्त तैनाती
जामा मस्जिद और उसके आसपास की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए पुलिस, पीएसी (पुलिस अधिकारी सहायता कोर) और आरआरएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके साथ ही, मस्जिद जाने वाले दोनों प्रमुख रास्तों को बांस और बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया है ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
कोर्ट के आदेश पर सर्वे:
मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए कोर्ट कमिश्नर मौके पर पहुंचे थे, और इसके बाद स्थिति को और गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए।
सड़क पर नमाज का चलन:
प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदम उठाए।
इस बीच, देश भर में यह देखा जा रहा है कि मस्जिदों में भीड़ बढ़ने के कारण कुछ लोग सड़कों पर नमाज अदा करने लगे हैं, जो कई स्थानों पर विवाद का कारण बन रहा है। उत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान और यातायात में रुकावट हो रही है। प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखे हुए है और ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रहा है।
प्रशासन की स्थिति पर नजर:
पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारी स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पूरी तरह से अलर्ट हैं। डीएम और एसपी ने भी सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया और पैदल गश्त की, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन का उद्देश्य शांति बनाए रखना और किसी भी असामाजिक गतिविधि को तुरंत नियंत्रित करना है।
इस पूरे मामले में प्रशासन की कोशिश है कि शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए और किसी भी प्रकार के समाजिक तनाव को बढ़ने से रोका जाए।