
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस जारी
नई दिल्ली, 22 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट ने काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हिंदू याचिकाकर्ताओं की याचिका पर दिया गया है, जिसमें उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद के ‘वजूखाना’ क्षेत्र का सर्वेक्षण एएसआई से कराने की मांग की थी।
मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान एक शिवलिंग पाया गया था।
हिंदू पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के दौरान एक शिवलिंग पाया गया था। इस शिवलिंग की पहचान के लिए उन्होंने एएसआई से सर्वेक्षण कराने की मांग की है। हिंदू पक्ष का दावा है कि इस क्षेत्र में पाए गए शिवलिंग के अस्तित्व को लेकर मस्जिद प्रबंधन समिति (अंजुमन इंतजामिया) द्वारा विरोध किया जा रहा है, जो इसे एक फव्वारा बताती है।
हिंदू पक्ष ने एक आवेदन दायर किया था,
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एएसआई और मस्जिद प्रबंधन समिति को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले पर सुनवाई के दौरान वकील वरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि हिंदू पक्ष ने एक आवेदन दायर किया था, जिसमें यह अनुरोध किया गया था कि वाराणसी जिला न्यायालय के सभी मुकदमे उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिए जाएं, ताकि सभी मामले समेकित रूप से एक अदालत में सुने जा सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 19 दिसंबर तक स्थगित कर दिया है
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 19 दिसंबर तक स्थगित कर दिया है और आदेश दिया कि ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़ी सभी याचिकाओं को सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके साथ ही, मामले की सुनवाई शुरू करने की तारीख भी तय की जाएगी।
इस विवाद में कानूनी और धार्मिक मतभेदों के कारण विवाद लगातार गहरा रहा है और यह मामला भारतीय अदालतों में महत्वपूर्ण निर्णयों का सामना कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भविष्य में अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक विवादों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
अब मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस जारी कर दिया
गौरतलब है कि हिंदू पक्ष ने 16 मई 2022 को दावा किया था कि ‘वजूखाना’ क्षेत्र में एक शिवलिंग पाया गया था, जबकि अंजुमन इंतजामिया ने इसे खारिज कर दिया और कहा था कि यह कोई शिवलिंग नहीं, बल्कि एक फव्वारा है। एएसआई से इस क्षेत्र की जांच की मांग की गई थी और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को आज सूचीबद्ध किया है, जिस पर अब मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस जारी कर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिससे इस विवाद का अगला कानूनी कदम तय होगा।