
यूपी उपचुनाव: ऐसी रही रणनीति
उत्तर प्रदेश 23 नवंबर/ उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों में भाजपा का दबदबा रहा। कुल नौ सीटों में से सात सीटें भाजपा के पाले में जाती दिख रही हैं, जबकि सपा को सिर्फ दो सीटों से संतोष करना पड़ा। इन परिणामों से यह साफ हो गया है कि भाजपा की रणनीति और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आक्रामक छवि ने बडी भूमिका निभाई है।
सीएम योगी की रणनीति का असर
चुनावी नतीजों से यह साफ है कि योगी आदित्यनाथ की आक्रामक छवि, उनके द्वारा धर्म और धार्मिक एकता पर जोर देने वाली रणनीति ने भाजपा को फायदा पहुंचाया। भाजपा ने ‘कटेंगे तो बटेंगे, एक हैं तो सेफ हैं’ के नारे को पूरी तरह से अपना लिया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ के रूप में समर्थित किया। यह नारा, जो पहले यूपी में गूंजा था, अब पूरे देश में फैल चुका है और इन उपचुनावों में यह नारा चुनावी रणनीति के रूप में सफल साबित हुआ।
धार्मिक एकजुटता की रणनीति
लोकसभा चुनाव के दौरान, जहां चुनाव धर्म से हटकर जातीय मुद्दों पर केंद्रित था, इन उपचुनावों में एक नया ट्रेंड देखने को मिला। इन उपचुनावों में धार्मिक एकजुटता की अधिक महत्वपूर्ण भूमिका रही, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रैलियों में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि हिंदू समाज को एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने जातियों को एक तरफ रखकर धार्मिक एकता की बात की। भाजपा के इस नारे ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ विचारधारा को मजबूत किया, और जाति के ऊपर धर्म को प्राथमिकता दी गई।
भाजपा का ओबीसी और दलित वोटों को लुभाना
इन उपचुनावों में भाजपा ने ओबीसी और दलित वर्ग को भी साथ लाया, जो पहले लोकसभा चुनावों में उससे छिटका हुआ था। दलितों ने सपा को उस तरह से वोट नहीं किया जैसा उन्होंने लोकसभा चुनावों में किया था। भाजपा की इस रणनीति में कांग्रेस की दूरी भी सपा के लिए नुकसानदेह रही, क्योंकि सपा को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला। वहीं, भाजपा को इसका फायदा हुआ।
नारे का असर
‘कटेंगे तो बटेंगे’ नारे ने वोटरों के बीच गहरी छाप छोड़ी। भाजपा ने इस नारे के जरिए हिन्दू वोटरों को एकजुट करने की कोशिश की, और यह नारा चुनावी मैदान में कामयाब भी रहा। पीएम मोदी ने इसे और जोर देते हुए ‘रहेंगे तो सेफ रहेंगे’ कहा, जो आगे जाकर चुनावी सफलता का कारण बना।
कुल मिलाकर, योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में भाजपा ने इन उपचुनावों में अपनी धार्मिक और जातिगत रणनीतियों को बेहद सफलतापूर्वक लागू किया, और इसके परिणाम भाजपा के पक्ष में रहे।