
महाराष्ट्र, 29 नवंबर, 2024 – महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस अभी भी बरकरार है। गुरुवार को दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के घर पर महायुति (शिवसेना, भाजपा और अन्य सहयोगी दलों) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, लेकिन इस बैठक में भी मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया। अब महाराष्ट्र की राजनीति में सभी की नजरें आज मुंबई में होने वाली बैठक पर हैं, जहां मुख्यमंत्री पद पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।
एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा विश्वास जताया है,
महायुति की बैठक के बाद शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने कहा कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा विश्वास जताया है, क्योंकि वे एनडीए का एक अहम हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एकनाथ शिंदे को शिवसेना विधायक दल ने अपना नेता चुना है और अब यह जिम्मेदारी शिंदे जी पर है कि वे विभागों और अन्य मुद्दों पर निर्णय लें।
मनीषा कायंदे के मुताबिक, शिंदे जी के नेतृत्व में पार्टी को सभी समस्याओं का समाधान मिल जाएगा और शिंदे का नेतृत्व सभी के लिए स्वीकार्य है।
संजय राउत का बयान: महाराष्ट्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें दिल्ली में तय होंगी।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि महाराष्ट्र से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें दिल्ली में तय होंगी। उनका कहना था कि एकनाथ शिंदे और अजित पवार को अपनी बात रखने के लिए बार-बार दिल्ली आना पड़ेगा। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की बात सुननी पड़ेगी।
संजय राउत ने अजित पवार को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि अजित पवार हमेशा डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) रहे हैं और आगे भी वही पद बनाए रखेंगे। राउत ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद अजित पवार का राजनीतिक प्रभाव कुछ कम हो गया था, लेकिन अब उनकी राजनीतिक स्थिति में एक बार फिर सुधार आया है, और इसके पीछे ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का ‘कमाल’ है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि महाराष्ट्र में एक ‘तीन मूर्ति’ मंदिर बनना चाहिए, जिसमें ईवीएम, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की तस्वीरें हों।
मुख्यमंत्री पद का मुद्दा: मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दावा है कि उन्हें विधायक दल का समर्थन प्राप्त है
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार विवाद चल रहा है। एक ओर जहां कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का दावा है कि उन्हें विधायक दल का समर्थन प्राप्त है, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस-NCP गठबंधन भी मुख्यमंत्री पद पर अपनी दावेदारी पेश कर रहा है। इन राजनीतिक गहमा-गहमी के बीच, अब सभी की निगाहें मुंबई में होने वाली बैठक पर हैं, जहां इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
आने वाली बैठक पर नजरें: महाराष्ट्र की राजनीति में जो हलचल मची हुई है
मुंबई में आज की बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के नाम पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। महाराष्ट्र की राजनीति में जो हलचल मची हुई है, उसे देखते हुए इस बैठक का नतीजा राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करेगा।
मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है, और राज्य की राजनीति में हो रही इस उठा-पटक के बीच मुंबई में आज होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है। यह बैठक महत्त्वपूर्ण हो सकती है, जिससे महाराष्ट्र के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय होगी।