
चंडीगढ़, 7 दिसंबर: देशभर में साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम आदमी से लेकर पढ़े-लिखे लोग भी ठगी का शिकार हो रहे हैं। हालाँकि हरियाणा और दिल्ली सरकार साइबर ठगों पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय भी इस बढ़ते अपराध को लेकर चिंतित है, और इसे देश के लिए एक गंभीर समस्या मान रहा है।
नए तरीकों से ठगी की घटनाएं
इन दिनों साइबर ठगों का एक नया तरीका सामने आया है जिसे “Jump Technique” नाम दिया गया है। इस तकनीक में ठग किसी व्यक्ति को पहले एक छोटी राशि जैसे कि 2000 रुपये भेजते हैं, ताकि व्यक्ति को इसमें कोई शक न हो। यह राशि वास्तव में व्यक्ति के खाते में भेजी जाती है और उसे इसका टेक्स्ट संदेश या नोटिफिकेशन भी मिलता है। लेकिन ठग ने पहले ही अपने सिस्टम में एक ऑटोमैटिक ट्रांसफर सेट कर रखा होता है। जब व्यक्ति अपनी बैलेंस चेक करने के लिए यूपीआई ऐप में पिन डालता है, तो ठग का सिस्टम सक्रिय हो जाता है और राशि अपने आप ठग के खाते में ट्रांसफर हो जाती है।
इस ठगी से बचने का तरीका
इस ठगी से बचने के लिए सबसे आसान तरीका है कि जब भी आपको बिना किसी उम्मीद के या अनजान नंबर से कोई राशि भेजी जाए, तो आप यूपीआई पर चेक करने के लिए जानबूझकर एक गलत पिन डालें। ऐसा करने से ठग द्वारा सेट की गई राशि अपने आप कैंसिल हो जाएगी, और आप इस ठगी से बच सकते हैं।
साइबर अपराध पर सरकारी कदम
हरियाणा और दिल्ली सरकार साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को लेकर सक्रिय हो गई है। जगह-जगह पुलिस साइबर ठगों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है। लेकिन इसके बावजूद भी ठगों के गैंग अपनी ठगी की गतिविधियों को तेजी से फैला रहे हैं। इन गैंग्स का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि ये ठग यूपीआई, पेटीएम, गूगल पे, फोनपे जैसे ऐप्स के माध्यम से लोगों को फंसा रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की चिंता
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय भी चिंतित है। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे साइबर अपराधों की जांच में और तेजी लाएं और लोगों को इन अपराधों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
इस बढ़ते साइबर अपराध से बचने के लिए सरकार और पुलिस को ठगों के खिलाफ कड़े कदम उठाने होंगे। लोगों को भी इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध लेन-देन से बचना चाहिए।