
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सालभर में सोने-चांदी की तस्करी बढ़ी
नई दिल्ली, 7 दिसंबर: भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी के खिलाफ बीएसएफ (बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स) की कड़ी निगरानी के बावजूद, इस साल देशभर में सोने, चांदी, ड्रग्स और नकली करेंसी की तस्करी बढ़ गई है। बीएसएफ के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 31 अक्टूबर तक सीमा सुरक्षा बल ने 172.528 किलो सोना और लगभग 178 किलो चांदी बरामद की है। इनकी कुल बाजार कीमत लगभग 1300 करोड़ रुपए है।
बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 के बाद राजनीतिक अस्थिरता और अंतरिम सरकार के गठन का फायदा तस्करों द्वारा उठाया जा रहा है।
बीएसएफ का कहना है कि बांग्लादेश में 5 अगस्त 2024 के बाद राजनीतिक अस्थिरता और अंतरिम सरकार के गठन का फायदा तस्करों द्वारा उठाया जा रहा है। इन परिस्थितियों में, तस्कर बांग्लादेश से भारत में सोने-चांदी की तस्करी कर रहे हैं, जो बीएसएफ की चौकसी और निगरानी के बावजूद रुक नहीं रही है।
स्मगलिंग का खतरा बढ़ा:कीमत लगभग 1300 करोड़ रुपए
भारत-बांग्लादेश सीमा पर सालभर में सोने-चांदी की तस्करी बढ़ी है, और बीएसएफ द्वारा पकड़ी गई संपत्ति के आंकड़े इसके प्रमाण हैं। इस साल 10 महीनों में 172.528 किलो सोना और 178 किलो चांदी पकड़ी गई है। इनकी कीमत लगभग 1300 करोड़ रुपए के आसपास बताई जा रही है। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा बल ने ड्रग्स की तस्करी में भी बढ़ोतरी देखी है और 11,866 किलो ड्रग्स जब्त किए हैं।
नकली करेंसी का भी बड़ा मामला:नकली करेंसी भी जब्त की गई है।
बीएसएफ द्वारा पकड़ी गई नकली करेंसी की मात्रा भी चिंताजनक है। इस साल 32,65,700 रुपये की नकली करेंसी भी जब्त की गई है। तस्करी के इस नेटवर्क को बेअसर करने के लिए बीएसएफ ने 4168 तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये आंकड़े देश की सीमा सुरक्षा में तस्करी और अवैध गतिविधियों की बढ़ती चुनौती को उजागर करते हैं।
पिछले साल की तुलना में ज्यादा बरामदगी:लगभग 163 किलो सोना जब्त
2023 में बीएसएफ ने लगभग 163 किलो सोना जब्त किया था, जबकि इस साल 172 किलो से ज्यादा सोना बरामद हुआ है। यह आंकड़ा सोने की तस्करी में वृद्धि को दर्शाता है। इसके अलावा, तस्करी की बढ़ती घटनाओं के बावजूद, बीएसएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बल सीमा पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
सरकार और सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी:टवर्क दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रहा है।
हालांकि बीएसएफ तस्करी पर कड़ी नजर रखे हुए है, लेकिन यह आंकड़े दर्शाते हैं कि तस्करों का नेटवर्क दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रहा है। सोने, चांदी, ड्रग्स और नकली करेंसी की तस्करी से न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है। ऐसे में, सरकार और सुरक्षा बलों को इस पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
तस्करी की घटनाओं में लगातार वृद्धि
बीएसएफ की चौकसी और सतर्कता के बावजूद, तस्करी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इन अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों को अपनी निगरानी और जांच प्रक्रिया को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि देश की सीमाओं पर इस गोरखधंधे पर काबू पाया जा सके।