
हरियाणा के सिरसा में बड़ा खेल, 50 हजार में इंजीनियर, 65 हजार में बना रहे थे वकील, 4 लड़कियां करती थीं संपर्क
सिरसा, 13 दिसंबर 2024
हरियाणा के सिरसा में एक बड़ा रैकेट सामने आया है, जिसमें नकली डिग्रियां बेची जा रही थीं। इस रैकेट के तहत लोग पैसे देकर इंजीनियर, वकील और अन्य पेशेवर डिग्रियां प्राप्त कर रहे थे। इस गिरोह ने विभिन्न प्रकार के पेशों की डिग्रियां तैयार कर उन्हें बेचने का काम किया, जिससे कई लोग नकली डिग्रियों के आधार पर काम कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश किया है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रैकेट में शामिल चार लड़कियां लोगों से संपर्क करती थीं और उन्हें पेशेवर डिग्रियां हासिल करने का लालच देती थीं। इन लड़कियों के माध्यम से लोग गिरोह के मुख्य ऑपरेटरों से जुड़ते थे, जो कि इंजीनियर बनने के लिए 50 हजार रुपये और वकील बनने के लिए 65 हजार रुपये की फीस लेते थे। इन डिग्रियों को विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जाली तरीके से तैयार किया जाता था और फिर उन्हें बेच दिया जाता था।
गिरोह के सदस्य डिग्रियों के साथ-साथ अन्य जरूरी दस्तावेज भी मुहैया कराते थे, जिनकी आवश्यकता सरकारी और निजी संस्थानों में नौकरी पाने के लिए होती थी। इन नकली डिग्रियों का उपयोग करके लोग सरकारी सेवाओं और पेशेवर क्षेत्रों में काम पा रहे थे, जबकि असल में उनके पास आवश्यक शिक्षा और योग्यताएं नहीं थीं।
पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और रैकेट के संचालकों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह के प्रमुख सदस्य भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई सालों से काम कर रहा था और अब तक हजारों लोगों को धोखा दे चुका था। पुलिस ने इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं की तलाश तेज कर दी है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि इससे जुड़ी अन्य अवैध गतिविधियों का भी पर्दाफाश किया जा सके।
इस रैकेट के खुलासे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और पेशेवर योग्यताओं का सम्मान करना बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे कभी भी किसी भी प्रकार के जाली दस्तावेज़ों या डिग्रियों से जुड़े किसी भी मामले में न फंसे और ऐसे धोखाधड़ी से दूर रहें।