
अपराधों में बढ़ोतरी: प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
लखनऊ, 14 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर अपराधों में बढ़ोतरी होती जा रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हुए नजर आ रहे हैं। जबकि योगी सरकार लगातार अपराधियों के खिलाफ बड़े एक्शन ले रही है, इसके बावजूद भी अपराधी मानने को तैयार नहीं हैं। कभी डॉक्टर के अपहरण की घटना, तो कभी दिन के समय ही गोलीबारी जैसी बड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या योगी आदित्यनाथ का प्रशासन अब अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में नरमी बरत रहा है, या फिर कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण अपराधियों के मनोबल को और बढ़ावा मिल रहा है।
डॉक्टर का अपहरण कर 7 लाख वसूली का मामला
एक ताजा घटना में, अपराधियों ने डॉक्टर सुरेन्द्र कुमार सिंह का अपहरण कर 7 लाख रुपये की फिरौती वसूली। घटना उत्तर प्रदेश के लखनऊ जिले के BBD थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 1 लाख 13 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की। ये बदमाश डॉक्टर को बंधक बनाकर 7 लाख रुपये की वसूली करने के बाद भागने में सफल रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, अपराधियों के पास से एक कार भी बरामद की गई, जो वे डॉक्टर के अपहरण के समय इस्तेमाल कर रहे थे।
गिरफ्तार अपराधियों का खुलासा
गिरफ्तार किए गए चार बदमाशों का नाम सामने आया है, और उनकी पुलिस रिमांड पर पूछताछ की जा रही है। ये अपराधी पहले भी इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, इन बदमाशों ने डॉक्टर को बंधक बनाकर उनसे पैसे वसूले और फिर उन्हें छोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसटीएफ की टीम ने इलाके में अभियान चलाया और इन अपराधियों को पकड़ लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। हालांकि, हाल की घटनाओं से यह सवाल उठता है कि क्या राज्य में अपराधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पहले जैसी प्रभावी रही है। चुनाव नजदीक आने के साथ-साथ प्रदेश में अपराध की घटनाओं में वृद्धि देखने को मिल रही है, जो कि एक गंभीर चिंताओं का कारण बन रही है।
योगी सरकार ने अपराधियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए कई योजनाएं बनाई थीं, लेकिन अपराधियों के बढ़ते हौसले प्रशासन की तैयारियों और कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन का ध्यान अब चुनावी मुद्दों पर ज्यादा केंद्रित हो गया है, और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कमजोर पड़ी है।
अपराधों में बढ़ोतरी के कारण
राज्य में लगातार बढ़ते अपराधों और अपराधियों के बढ़ते हौसले को लेकर विपक्ष भी योगी सरकार पर सवाल उठा रहा है। जबकि दूसरी राज्यों में योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए कड़े कदमों से अपराधी भयभीत दिखाई दे रहे हैं, उत्तर प्रदेश में अपराधी खुलकर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। यह स्थिति चुनावी साल में खासतौर पर योगी सरकार के लिए चुनौती बन सकती है।
याद रहे कि हाल ही में दिन-दहाड़े हुई कई अन्य घटनाओं ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में देखना यह होगा कि योगी सरकार और पुलिस प्रशासन इन अपराधों पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।