
एनआईए का बलिया जिले के उसरगांवा गांव में छापा, नक्सली संगठन के खिलाफ कार्रवाई जारी
उत्तर प्रदेश, 21 दिसंबर 2024: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बरदह क्षेत्र स्थित उसरगांवा गांव में छापा मारा। यह कार्रवाई प्रतिबंधित नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) के सदस्यों की तलाश में की गई। एनआईए को सूचना मिली थी कि इस इलाके में सीपीआई (माओवादी) के सदस्य सक्रिय हैं और उनके सिंडीकेट का भी यहां प्रभाव है, जिससे जांच प्रक्रिया को तेज किया गया है।
छापेमारी की प्रक्रिया:
एनआईए की टीम ने उसरगांवा गांव में तलाशी ली, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। छापेमारी के दौरान कुछ दस्तावेज़ और अन्य सामग्री एकत्र की गई हैं, जो आगे की जांच में सहायक हो सकती हैं। एनआईए ने अपनी जांच में यह पाया कि नक्सली संगठन अपने समर्थकों के माध्यम से इलाके में अपनी गतिविधियों को चला रहे थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। हालांकि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन यह छापेमारी नक्सलियों के नेटवर्क को पहचानने और समाप्त करने में मदद कर सकती है।
एनआईए की पुष्टि:
बलिया के एसपी ने एनआईए के इस छापे की पुष्टि की। एसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन जांच जारी है। टीम को यह जानकारी मिली थी कि इस क्षेत्र में नक्सलियों के कुछ समर्थक सक्रिय हैं, जिनके खिलाफ एनआईए ने कार्रवाई की।
एनआईए की जांच की दिशा:
एनआईए ने बताया कि यह छापेमारी सीपीआई (माओवादी) के संभावित नेटवर्क और उनके विभिन्न गतिविधियों के खिलाफ की गई है। एनआईए की योजना इन नक्सलियों के नेटवर्क को समाप्त करना और उन्हें कानून के दायरे में लाना है। यह कार्रवाई नक्सली गतिविधियों को नियंत्रित करने और उनकी पहुंच को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नक्सल विरोधी अभियान:
एनआईए के अनुसार, यह छापेमारी माओवादी और नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जिसे देश भर में बढ़ते नक्सलवादी खतरे को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। एनआईए की टीम ऐसे इलाकों में छापेमारी कर रही है, जहां नक्सलियों की गतिविधियों की संभावना है, ताकि उन्हें पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत दंडित किया जा सके। इस छापेमारी के साथ ही एनआईए की जांच आगे बढ़ रही है, और आगे और भी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।