
ओमप्रकाश चौटाला का निधन, अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे समर्थक
सिरसा, 21 दिसंबर 2024: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो पार्टी के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश चौटाला का निधन हो गया है, और आज उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। उनके निधन के बाद, लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह से ही उनके घर और तेजा खेड़ा फार्म पर पहुंच रहे हैं। ओमप्रकाश चौटाला ने कई बार हरियाणा के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
चौटाला के निधन से हरियाणा में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके समर्थक और राजनीतिक दल के नेता उन्हें आखिरी बार श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंच रहे हैं। उनकी पार्थिव देह को पहले 5 घंटे के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा गया था ताकि लोग उन्हें अंतिम सम्मान दे सकें।
राजनीतिक जीवन की अहमियत:
ओमप्रकाश चौटाला का जीवन हरियाणा की राजनीति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण था। उन्होंने हरियाणा में 1989, 1999 और 2005 में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी और राज्य में कई विकास योजनाओं की शुरुआत की थी। उनका प्रशासनिक कौशल और विकास के प्रति प्रतिबद्धता उन्हें हरियाणा के नेताओं में अलग पहचान दिलाने वाली थी। वे स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के पुत्र थे, जिन्होंने देश के उप प्रधानमंत्री के रूप में भी कार्य किया था और उन्होंने हरियाणा में अपनी छाप छोड़ी थी।
चौटाला परिवार की राजनीति हमेशा से राज्य की ग्रामीण जनता के लिए समर्पित रही है। ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में हरियाणा में किसानों, युवाओं और सामान्य जनता के लिए कई योजनाएं बनाई गईं, जिनमें बुढ़ापा पेंशन और विधवा पेंशन बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण पहलें शामिल थीं। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई योजनाएं शुरू की।
श्रद्धांजलि देने के लिए आ रहे लोग:
चौटाला के निधन के बाद, उनके समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता तेजा खेड़ा फार्म और उनके घर पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हरियाणा और आसपास के राज्यों से लोग जुट रहे हैं। चौटाला के परिवार ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा है कि उनके पिता चौधरी देवीलाल की तरह ओमप्रकाश चौटाला ने भी हमेशा हरियाणा की भलाई के लिए काम किया।
अंतिम संस्कार:
आज ओमप्रकाश चौटाला का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में किया जाएगा, जहां परिजन और समर्थक उन्हें अंतिम विदाई देंगे। चौटाला के निधन के बाद राज्य में कई राजनेताओं ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और उनके योगदान को याद किया है।
चौटाला के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा, और उनके निधन से हरियाणा की राजनीति को एक बड़ा नुकसान हुआ है। उनकी अंतिम यात्रा में बड़े नेता और आम जनता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए शामिल होंगे।