
संभल में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का दूसरा दिन का सर्वे, ऐतिहासिक स्थल की खोज जारी
संभल/ दिल्ली, 21 दिसंबर 2024: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की टीम ने संभल में दूसरे दिन भी अपने सर्वे कार्य को जारी रखा। इससे पहले शुक्रवार को खग्गू सराय स्थित प्राचीन शिव मंदिर और उसके पास स्थित कुएं से कार्बन डेटिंग के लिए नमूने लिए गए थे। यह प्रक्रिया यह जानने के लिए की गई थी कि ये स्थल कितने पुराने हैं और इनका ऐतिहासिक महत्व क्या है।
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया की पहल पर एएसआई ने संभल के ऐतिहासिक स्थलों का सर्वे करने का निर्णय लिया। उन्होंने एएसआई के निदेशक को पत्र भेजकर यह अनुरोध किया था कि संभल के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का सर्वे कराया जाए क्योंकि यह स्थान धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है।
सर्वे की प्रक्रिया:
एएसआई की टीम ने शहर और उसके आसपास बने 19 कूपों और 5 तीर्थ स्थलों का सर्वे किया। इन स्थलों की जांच के दौरान टीम ने खग्गू सराय स्थित प्राचीन शिव मंदिर और इसके आसपास के प्राचीन कुएं से नमूने लिए थे। इन नमूनों का प्रयोग कार्बन डेटिंग के लिए किया जाएगा, ताकि इन स्थलों की सटीक उम्र का पता चल सके। इसके अतिरिक्त, एएसआई की टीम ने शहर के अन्य हिस्सों में स्थित कूप और तीर्थ स्थलों का भी सर्वे किया है।
संभल का ऐतिहासिक महत्व:
संभल क्षेत्र को एक धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान माना जाता है, और इस क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों के मिलने से इसकी ऐतिहासिक धरोहर का महत्व और बढ़ जाता है। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि संभल का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व काफी अधिक है, और यहां के प्राचीन स्थलों की जांच से इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को और स्पष्ट किया जा सकता है।
आगे की कार्यवाही:
एएसआई की टीम अगले कुछ दिनों में संभल के अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का सर्वे जारी रखेगी। इस सर्वे के द्वारा यह जानने में मदद मिलेगी कि संभल क्षेत्र में पाए गए प्राचीन स्थल कितने पुराने हैं और उनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है। इससे संबंधित रिपोर्ट और निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में संभल क्षेत्र के ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
इस प्रकार, एएसआई के इस सर्वे से संभल के प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व का और भी स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा।