
भारत-कुवैत के ऐतिहासिक संबंधों पर पीएम मोदी का जोर
केंद्रीय वाक्य: भारत और कुवैत के बीच बहुआयामी रिश्ते इतिहास में गहराई से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुवैत की अपनी ऐतिहासिक यात्रा (21-22 दिसंबर, 2024) के दौरान भारत और कुवैत के बीच बहुआयामी और गहरे संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली कुवैत यात्रा थी, जो दोनों देशों के मजबूत रिश्तों की अहमियत को दर्शाती है।
भारत-कुवैत के ऐतिहासिक संबंध
प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भारत और कुवैत के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हजारों वर्षों से मजबूत हैं। यह रिश्ते ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में और भी गहराई से जुड़े हुए हैं।
ऊर्जा और व्यापार में साझेदारी
कुवैत भारत के लिए कच्चे तेल का छठा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है, जो भारत की कुल ऊर्जा आवश्यकताओं का 3% पूरा करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कुवैत के बीच व्यापार और निवेश को और बढ़ावा देने की बड़ी संभावनाएं हैं।
भारतीय प्रवासी समुदाय का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय की तारीफ करते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच दोस्ती को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कुवैत के विकास में भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत तकनीक, कौशल, और नवाचार के जरिए योगदान देने के लिए तैयार है।
कुवैत के अमीर से मुलाकात
इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने कुवैत के अमीर से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को लेकर कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए।