
पलवल-मानेसर-कुंडली (पीएमके) एक्सप्रेसवे, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यात्रियों को आरामदायक और तेज यात्रा देने के लिए शुरू किया था, अब लापरवाही और दुर्दशा का प्रतीक बन गया है। सड़क की खराब हालत और सुरक्षा की कमी ने इसे दुर्घटनाओं का केंद्र बना दिया है।
सड़क की खस्ताहाल स्थिति
- टूटी सड़कें: सतह पर गड्ढे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
- मार्ग संकेतों का अभाव: कोहरे के दौरान मार्गदर्शन के लिए सफेद पट्टियां गायब हैं।
- घातक दुर्घटनाएं: बीते वर्षों में कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने अनदेखी जारी रखी है।
लाइट और सुरक्षा का अभाव
- बंद स्ट्रीट लाइट्स: रात के समय यात्रा करना खतरनाक हो जाता है।
- सुरक्षा व्यवस्था की कमी: गश्त और निगरानी का कोई इंतजाम नहीं है।
- अंधेरे में सफर: टूटी सड़कें और अंधेरा दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं।
खराब टोल व्यवस्था
- बूम बैरियर की खराबी: लंबी कतारें और जाम आम बात हो गई है।
- यात्री सुविधा की अनदेखी: टोल प्रबंधन केवल राजस्व वसूली पर ध्यान दे रहा है।
- रात्रि में अव्यवस्था: टोल पर जाम और अव्यवस्था यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है।
“पलवल-मानेसर-कुंडली एक्सप्रेस हाईवे की खस्ता हालत, बिना पटी के काटे जा रहे चालान”
मंत्रियों की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त
हरियाणा के मंत्री भी इस सड़क की बदहाली के शिकार हुए हैं:
अनिल विज: गाड़ी दो बार क्षतिग्रस्त हुई।
राव नरवीर सिंह: सड़क निर्माण सामग्री पर सवाल खड़े किए।
चेतावनी: लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश।
प्रधानमंत्री के सपनों पर पानी
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस सड़क को देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रतीक बनाने की योजना बनाई थी। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के कारण यह सपना टूटता नजर आ रहा है।
प्रशासन की अनदेखी
- एचएसआईडीसी की लापरवाही: मरम्मत और देखरेख पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
- जनता की नाराजगी: सरकार और एजेंसियों की अनदेखी से यात्री भयभीत हैं।
उद्योग मंत्री का बयान
राव नरवीर सिंह ने कहा:
“लापरवाह अधिकारी विभाग में नहीं टिकेंगे। अगर कोई जिम्मेदारी नहीं निभा रहा, तो सख्त कार्रवाई होगी।”
जनता की मांग और सवाल
यात्री अब न्याय और समाधान की मांग कर रहे हैं:
- कौन है जिम्मेदार?
- मरम्मत और सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
- टोल व्यवस्था कब सुधरेगी?
समाधान की जरूरत
पीएमके एक्सप्रेसवे को सुधारने के लिए सरकार और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने होंगे:
1. सड़कों की मरम्मत और गड्ढों की भराई।
2. लाइट और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना।
3. टोल प्रबंधन सुधार और यात्री सुविधाओं पर ध्यान देना।
4. अधिकारी जवाबदेही तय करना।