
ट्रंप की मौत की सजा पर पुनः जोर, बाइडन के फैसले की आलोचना
वॉशिंगटन, 24 दिसंबर।
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडन के फैसले की आलोचना की है, जिसमें बाइडन ने 37 अमेरिकी फेडरल कैदी की मौत की सजा को उम्रभर की सजा में बदल दिया। ट्रंप ने बाइडन के इस कदम को “दुश्मनों के लिए हार” और “अमेरिका की न्याय व्यवस्था के लिए एक गलत संदेश” बताया।
बाइडन का कदम और ट्रंप की प्रतिक्रिया
जो बाइडन ने सोमवार को घोषणा की कि वह 40 फेडरल कैदियों में से 37 की मौत की सजा को उम्रभर की सजा में बदल रहे हैं। इसमें 9 कैदी ऐसे थे जिन्होंने साथी कैदियों की हत्या की थी, जबकि 4 ने बैंक डकैती के दौरान हत्या की थी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा,
“जो बाइडन ने हमारे देश के सबसे खतरनाक हत्यारों की मौत की सजा को घटाकर उम्रभर की सजा बना दी है। जब आप इन अपराधों को सुनेंगे, तो यकीन नहीं करेंगे कि उन्होंने यह किया। यह समझ से परे है!”
ट्रंप का आरोप और आगामी योजना
ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिकी न्याय विभाग को आदेश देंगे कि वे बलात्कारियों, हत्यारों और खतरनाक अपराधियों के खिलाफ मौत की सजा को लागू करें। उन्होंने कहा,
“हम फिर से कानून और व्यवस्था का देश होंगे!”
बाइडन का बचाव और ट्रंप का रुख
बाइडन ने अपने फैसले का बचाव किया, और कहा कि उन्होंने यह कदम “अपने अनुभव और अंतरात्मा” के आधार पर उठाया। हालांकि, उन्होंने कुछ खास अपराधियों को अपनी सजा में बदलाव से बाहर रखा, जिनमें बॉस्टन मैराथन बम विस्फोट के आरोपी, एक गोलीबारी में 11 यहूदी श्रद्धालुओं की हत्या करने वाला, और 2015 में चर्च में 9 अफ्रीकी अमेरिकियों की हत्या करने वाला श्वेत श्रेष्ठतावादी शामिल हैं।