
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन, देश में शोक की लहर
नई दिल्ली, 26 दिसंबर – भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और उन्हें दिल्ली के AIIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात 9:55 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद भर्ती
सूत्रों के मुताबिक, मनमोहन सिंह को अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण AIIMS के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनकी स्थिति गंभीर थी और उन्हें मल्टीपल डॉक्टरों की टीम देख रही थी। हालात नाजुक होने पर उन्हें सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) भी दिया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी हालत नहीं सुधर सकी।
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देश को बड़ा नुकसान
मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक थे। वे एक प्रख्यात अर्थशास्त्री और वित्तीय सुधारों के जनक माने जाते हैं। 1991 में भारत के आर्थिक सुधारों में उनकी अहम भूमिका रही, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी। उनके प्रधानमंत्री रहते हुए (2004–2014) देश ने आर्थिक विकास, वैश्विक पहचान और तकनीकी उन्नति के कई नए आयाम छुए।
राजनीतिक सफर और उपलब्धियां
डॉ. सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान आर्थिक नीतियों में सुधार लाकर भारत को वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उन्हें उनकी ईमानदारी, सादगी और नीतिगत फैसलों के लिए जाना जाता है। उनके नेतृत्व में देश ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGA), खाद्य सुरक्षा कानून, और न्यूक्लियर डील जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए।
व्यक्तिगत जीवन और शिक्षा
मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को गाह, पाकिस्तान (अब पंजाब, पाकिस्तान) में हुआ था। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। वे एक अर्थशास्त्री, शिक्षाविद्, और राजनेता के रूप में जाने जाते थे। प्रधानमंत्री बनने से पहले उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर, वित्त मंत्री, और योजना आयोग के उपाध्यक्ष जैसे पदों पर भी काम किया।
देशभर में शोक की लहर
उनके निधन की खबर से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, और देशभर के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, और राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा,
“डॉ. मनमोहन सिंह का निधन देश के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने अपनी नीतियों और दूरदर्शिता से देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।”
आखिरी विदाई
मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार दिल्ली में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस मुख्यालय में रखा जाएगा, जहां देशभर से लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे।
देश के लिए प्रेरणा
डॉ. सिंह ने अपनी ईमानदारी और सादगी से देशवासियों के दिलों में एक खास जगह बनाई। वह भारत की आर्थिक नींव के मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। उनका निधन भारत के राजनीतिक इतिहास में एक युग का अंत है।