पूर्व एमडी अयोध्या प्रसाद मिश्रा की 2.85 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

ईडी की बड़ी कार्रवाई: यूपीपीसीएल
लखनऊ 15 जनवरी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) अयोध्या प्रसाद मिश्रा और उनके परिवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 2.85 करोड़ रुपये मूल्य की तीन अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है।
कुर्क की गई संपत्तियां
ईडी द्वारा जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- लखनऊ में स्थित एक आवासीय फ्लैट।
- लखनऊ में एक वाणिज्यिक दुकान।
- गोंडा में एक कृषि भूमि।
क्या है मामला?
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) के मामले में की गई है। अयोध्या प्रसाद मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने यूपीपीसीएल में अपने उच्च पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर धन का गबन किया। ईडी का दावा है कि उन्होंने इन अवैध आय को छिपाने के लिए इसे अपने और अपने परिवार के नाम पर संपत्तियों में निवेश किया।
ईडी के सूत्रों के अनुसार, यह मामला यूपीपीसीएल में वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़ा है, जिसमें बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया।
ईडी की जांच और कार्रवाई
ईडी ने पीएमएलए अधिनियम के तहत इन संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क कर लिया है।
- यह कदम सुनिश्चित करता है कि आरोपी इन संपत्तियों को बेच न सके या उनका उपयोग करके न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।
- ईडी ने यह कार्रवाई यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर और अन्य संबंधित एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर की।
भविष्य की कार्रवाई
ईडी इस मामले में और जांच कर रही है। संभावना है कि जल्द ही मिश्रा और उनके परिवार के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में और नाम भी सामने आ सकते हैं।
यूपीपीसीएल विवाद: एक नजर
यूपीपीसीएल पहले भी भ्रष्टाचार और वित्तीय घोटालों के कारण विवादों में रहा है। अयोध्या प्रसाद मिश्रा का यह मामला यूपीपीसीएल में चल रहे ऐसे कई मामलों में से एक है, जो राज्य के ऊर्जा विभाग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
जनता पर प्रभाव
- इस मामले से जनता में रोष है।
- यूपीपीसीएल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में भ्रष्टाचार ने राज्य में ऊर्जा परियोजनाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईडी का रुख सख्त
ईडी का कहना है कि ऐसे मामलों में वे आगे भी कड़ी कार्रवाई करेंगे और धन शोधन के मामलों में शामिल व्यक्तियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।