शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलेगा ??

केजरीवाल पर ED को गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2025:
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलाने के लिए गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मंजूरी दे दी है। यह मामला दिल्ली सरकार की शराब नीति में हुए कथित घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं और प्रवर्तन निदेशालय को इस मामले में जांच करने का अधिकार मिल गया है।
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप:
ED अब शराब घोटाले के इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच करेगा।
गृह मंत्रालय द्वारा मंजूरी मिलने के बाद, ED अब शराब घोटाले के इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच करेगा। आरोप हैं कि दिल्ली सरकार की शराब नीति में अनियमितताएं थीं, जिनके कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और अवैध लाभ प्राप्त किए गए। ED इस मामले में पैसे के अवैध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए प्राप्त फंड्स के स्रोत का पता लगाएगा।
केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता:
सरकारी अधिकारियों और शराब व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई
दिल्ली शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और ED ने कई छापेमारी की है। कई सरकारी अधिकारियों और शराब व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन एजेंसियों ने विभिन्न स्थानों पर छापे मारे और महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जब्त किए।
दिल्ली सरकार का बचाव:
मंत्रियों और अधिकारियों ने शराब नीति में भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा है।
इस मामले में दिल्ली सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों ने शराब नीति में भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोपों का कोई वास्तविक आधार नहीं है और यह केवल उनके खिलाफ एक साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ शराब नीति बनाई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा
यह मामला दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने शराब नीति में भ्रष्टाचार किया और इस घोटाले का पूरा लाभ मुख्यमंत्री और उनके करीबी सहयोगियों ने उठाया। विपक्षी नेताओं ने ED और CBI से इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले की जांच को लेकर राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मामले में और अधिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।