सामूहिक बलात्कार मामले में रॉकी मित्तल का बड़ा खुलासा

भाजपा और कांग्रेस के नेताओं पर गंभीर आरोप
मोहनलाल बडौली को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र
नई दिल्ली, 16 जनवरी: हरियाणा के पूर्व भाजपा नेता और मोहनलाल बडौली के करीबी सहयोगी रॉकी मित्तल ने हिमाचल प्रदेश में सामूहिक बलात्कार के मामले में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के पीछे भाजपा और कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं का हाथ है, जिन्होंने उन्हें और उनके दोस्त हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडौली को बदनाम करने के लिए षड्यंत्र रचा। रॉकी मित्तल ने दावा किया कि यह खेल उस समय के नेताओं और कुछ सरकारी अधिकारियों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते रचा गया।
रॉकी मित्तल का आरोप:
यह मामला 529 दिन बाद अचानक क्यों उठाया गया?
रॉकी मित्तल ने इस मामले को लेकर कहा कि, “यह मामला 529 दिन बाद अचानक क्यों उठाया गया? हिमाचल पुलिस ने हमें क्यों नहीं गिरफ्तार किया?” उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि युवती ने गवाही देने से मना कर दिया है, फिर भी उनके खिलाफ आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।
मोहनलाल बडौली भाजपा के नेताओं की आंखों में खटकने लगे थे
रॉकी मित्तल ने इस आरोप को राजनीति से जोड़ा और कहा कि भाजपा के कुछ नेता और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने मिलकर मोहनलाल बडौली को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए इस षड्यंत्र को रचा। “मोहनलाल बडौली भाजपा के नेताओं की आंखों में खटकने लगे थे और उनके बढ़ते प्रभाव के कारण यह साजिश रची गई,” मित्तल ने कहा।
बडौली को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं देखना चाहते
“हम दो नहीं, चार थे और इसमें एक और नैन साहब भी शामिल थे,
रॉकी मित्तल ने आगे कहा कि, “हम दो नहीं, चार थे और इसमें एक और नैन साहब भी शामिल थे, जिनके बारे में किसी को जानकारी नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह खेल भाजपा के कुछ बड़े नेताओं का है, जो मोहनलाल बडौली को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं देखना चाहते थे और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करना चाहते थे। उन्होंने इशारे इशारे में पूर्व मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा जल्द ही एक बड़ा खुलासा करूंगा जिस देश में बवाल हो जाएगा।
मित्तल ने कहा कि इस षड्यंत्र का मुख्य उद्देश्य उन्हें और मोहनलाल बडौली को बदनाम करना था। “हम दोनों के खिलाफ इस षड्यंत्र को रचा गया,
15 दिन बाद मोहनलाल बडौली के परिवार में शादी है
मित्तल ने इस मामले को मोहनलाल बडौली और उनके परिवार की बदनामी के रूप में देखा। उन्होंने कहा, “15 दिन बाद मोहनलाल बडौली के परिवार में शादी है, और इस समय उनकी बदनामी का क्या होगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।” उनका कहना था कि यह मामला न केवल उन्हें बल्कि उनके परिवार को भी परेशान कर रहा है।
सीबीआई जांच और नारको टेस्ट की मांग
मित्तल ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच और नारको टेस्ट की मांग की है। उन्होंने कहा, “मैं जांच के लिए पूरी तरह से तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि इस मामले में सच्चाई सामने आएगी।” मित्तल ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है और यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा और विधानसभा के चुनाव हो गए हरियाणा के पंडितों के वोट हासिल कर लिए आप उनकी जरूरत नहीं है जब वोट की जरूरत थी तो मोहनलाल बडौली को आगे किया गया लेकिन अब उनको बदनाम कर कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना चाह रहे हैं हरियाणा के पंडितों को समझाना पड़ेगा।
महिला आयोग इस मामले में हस्तक्षेप करें
मित्तल ने महिला आयोग से अपील की कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें, क्योंकि महिलाओं के सम्मान को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा, “इस मामले में चार साल से परेशान कर रहे हैं, लेकिन मैं इसका भंडाफोड़ करूंगा।”
उन्होंने कहा बडौली से मेरी बात भी होती है इस केस को लेकर भी बात हुई है लेकिन परेशान है भाजपा ने पूर्व सांसद रमेश कौशिक के साथ भी ऐसा ही करा था आज उनकी राजनीतिक भाजपा ने समाप्त कर दी और बडौली के साथ भी यही खेल खेला जा रहा है।
रॉकी मित्तल ने भाजपा को नागिन की संज्ञा देते हुए कहा की नागिन पहले अपने बच्चों को ही खाती है और यही बीजेपी में हो रहा है।
कांग्रेस और भाजपा पर आरोप
रॉकी मित्तल ने कांग्रेस के बड़े नेताओं पर भी आरोप लगाए और कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों का हाथ है। उनका आरोप था कि भाजपा के कुछ नेताओं को मोहनलाल बडौली की बढ़ती लोकप्रियता से परेशानी थी और इस कारण वे उसे राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के कुछ नेताओं ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा है।
अब कानूनी और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण से बड़ा मुद्दा बन सकता है।
रॉकी मित्तल का यह खुलासा कई सवालों को उठाता है और राजनीतिक षड्यंत्र की संभावना को प्रकट करता है। उनका आरोप है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेता इस मामले के पीछे हैं और उनका उद्देश्य उन्हें और मोहनलाल बडौली को बदनाम करना था। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच और नारको टेस्ट की मांग की है, साथ ही इस पूरे घटनाक्रम में अपने परिवार की सुरक्षा और सम्मान की बात की है। यह मामला अब कानूनी और राजनीतिक दोनों ही दृष्टिकोण से बड़ा मुद्दा बन सकता है।