प्रयागराज 23 जनवरी – प्रयागराज महाकुम्भ में आग लगने की घटना से श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया था और इसमें नया मोड़ तब आया जब
इस घटना की ज़िम्मेदारी खालिस्तानी आतंकी संगठन ने ली पर योगी सरकार ने सुरक्षा के लिहाज़ से अपनी कमर कस ली हैं
अब महाकुम्भ में ड्रोन से पैनी नज़र राखी जाएगी
टीथर्ड ड्रोन क्यों है खास?
महाकुंभ जिले के एसएसपी राजेश द्विवेदी बताया की यह सेकेंडों में अलर्ट मोड में आ जाने वाला बेहतर गैजेट्स है. यह डेटा ट्रांसमिशन के लिए बेहद सुरक्षित है और ऊंचाई वाली जगह से मेले की हर छोटी-बड़ी गतिविधियां कैप्चर करने में इसे महारत हासिल है. पुलिस के लिए टीथर्ड ड्रोन कैमरा तीसरी आंख का काम कर रही है और यह सुरक्षा के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं और अब कोई भी महाकुम्भ में किसी प्रकार की घटना को अंजाम नहीं दे पायेगा
एसएसपी ने बताया कि इसकी पहुंच से बच पाना किसी के लिए भी नामुमकिन है. इसके जरिए संगम तट के अलावा अत्यधिक भीड़ भाड़ वाले घाटों और प्रमुख स्थलों पर पैनी नजर रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि मंदिरों और अन्य प्रमुख स्थलों पर नजर रखने के लिए हाई रिजॉल्यूशन कैमरे से लैस इस उपकरण को तैनात कर दिया गया है, जो पलक झपकते ही श्रद्धालुओं से संबंधित अलर्ट अफसरों को जारी कर रहे हैं.
एसएसपी ने आगे बताया कि टीथर्ड ड्रोन एक विशेष प्रकार के कैमरे होते हैं. इन कैमरों को एक बड़े गुब्बारे के सहारे रस्सी से बांधकर एक निश्चित ऊंचाई पर तैनात किया जाता है. मेला क्षेत्र में इन्हें ऊंचे टॉवर्स पर इंस्टॉल किया जा रहा है. यहीं से ये पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है. इन्हें बार-बार उतारना भी नहीं पड़ेगा और ये पूरे मेला क्षेत्र पर अपनी पैनी नजर से निगरानी कर सकने में सक्षम हैं.
मेले में लगे 2750 सीसीटीवी–
टीथर्ड ड्रोन की मदद से मेले के पुलिस कंट्रोल रूम को महाकुंभ की हर एक महत्वपूर्ण फुटेज प्राप्त हो सकेगी. इसके माध्यम से अत्यधिक भीड़ भाड़ वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां तत्काल पुलिस का प्रबंध किया जा सकता है. इसके अलावा किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर भी नजर रखी जा सकती है.