महाकुम्भ में बाबाओं की फजीहत ??

प्रयागराज
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विवादित वीडियो
प्रयागराज, 24 जनवरी: प्रयागराज महाकुम्भ मेला इन दिनों चर्चा में है, लेकिन इस बार यह चर्चा किसी धार्मिक कार्य से नहीं, बल्कि एक विवादित सोशल मीडिया वीडियो को लेकर हो रही है। वीडियो में एक लड़की एक बाबा से कह रही है, “आप सारे सिक्के मुझे दो, और मैं आपको नोट बनाकर दूंगी।” इस वीडियो में लड़की गुस्से में बाबा से यह बात कह रही है, जबकि बाबा रोते हुए अपना सामान समेटते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कई यूज़र्स ने इस लड़की की आलोचना की और उसे गालियाँ दीं, जबकि कुछ लोग योगी सरकार से इस लड़की के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
घटना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है कि क्या लोग वाइरल होने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं? क्या साधु-संतों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा सकता है? क्या यह सनातन धर्म और उसके अनुयायियों का अपमान नहीं है? क्या लोगों ने अपने से बड़े लोगों का सम्मान करना भूल दिया है?
साधु-संतों के दयालु चेहरे का खुलासा
हालांकि, इस विवाद से जुड़ी एक और बात सामने आई है, जो बाबाओं के सकारात्मक पक्ष को दिखाती है। प्रयागराज महाकुम्भ में माला बेचने आई एक लड़की मोनालिसा ने बाबाओं के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वह हमेशा बाबाओं से दयालु और सहयोगात्मक व्यवहार पाती रही हैं। मोनालिसा ने कहा, “कभी-कभी जब वह भारी भीड़ के कारण माला नहीं बेच पाती थीं और उनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं होते थे, तब कई बाबाओं ने उन्हें पैसे दिए और खाना खिलाया।” उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कभी भी किसी बाबा की गंदी नजर महसूस नहीं हुई और सभी बाबाओं ने उनसे एक बेटी जैसा व्यवहार किया है।
सनातन धर्म की छवि पर हमला?
इस घटना के बाद कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस वीडियो के जरिए सनातन धर्म और साधु-संतों की छवि को जानबूझकर खराब करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि इस वीडियो में दिखाया गया व्यवहार अनुचित है और यह समाज के लिए एक गलत संदेश भेजता है। ऐसे में इस मामले की गहन जांच और उचित कार्रवाई की आवश्यकता है।
लोग कर रहे हैं जांच की मांग
लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में जांच की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि इस तरह के विवादों से बचा जा सके। सोशल मीडिया पर बढ़ती नफरत और नकारात्मकता को लेकर लोग चिंतित हैं और उनका मानना है कि इस तरह के वीडियो वायरल होने से समाज में असहमति और दुराग्रह को बढ़ावा मिलता है।
क्या वाइरल होने के लिए किसी की इज्जत और सम्मान को ठेस पहुँचाना सही है?
इस पूरे घटनाक्रम से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वाइरल होने के लिए किसी की इज्जत और सम्मान को ठेस पहुँचाना सही है? क्या यह केवल मनोरंजन के लिए किया जा रहा है, या फिर इसके पीछे कोई और उद्देश्य है?
अंत में, यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि सोशल मीडिया की ताकत को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना जरूरी है, ताकि किसी की इज्जत और धार्मिक भावनाओं से खेलकर किसी की छवि को नुकसान न पहुंचे।