
चंडीगढ़, 24 जनवरी 2025: हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के करीब 13,000 कर्मचारियों को एक बड़ी राहत दी है। अदालत ने इन कर्मचारियों की नियुक्ति और सेवा की स्थिति से संबंधित मामले में अहम निर्णय लिया, जिससे कर्मचारियों को अपनी नौकरी को लेकर एक नई उम्मीद मिली है।
सरकार ने उनकी सेवा अवधि को समाप्त करने की योजना बनाई थी।
यह मामला उन कर्मचारियों से जुड़ा हुआ था, जो 2017 और 2018 के बीच विभिन्न विभागों में अस्थायी रूप से नियुक्त किए गए थे। हालांकि, इन कर्मचारियों को स्थायी तौर पर नहीं रखा गया था और सरकार ने उनकी सेवा अवधि को समाप्त करने की योजना बनाई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने अपनी नियुक्तियों को स्थायी करने की मांग की थी और कहा था कि वे वर्षों से कार्यरत हैं और उन्हें स्थायित्व की आवश्यकता है।
हाईकोर्ट का फैसला:
हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को कार्यरत विभागों में अपनी सेवा जारी रखने का अधिकार है। कोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को सेवा से नहीं हटाया जाए और उन्हें उनके द्वारा किए गए कार्य के लिए सभी देय लाभ और भुगतान दिए जाएं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को इन कर्मचारियों के मामलों का समुचित समाधान करना चाहिए और उनकी सेवा स्थिति को जल्दी से स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। इस फैसले में यह निर्देश भी दिया गया कि कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होने पाए और उनका भविष्य सुरक्षित किया जाए।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया:
इस फैसले के बाद इन कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों ने उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके लिए न्याय की जीत है। उनका कहना था कि वे कई सालों से अस्थायी स्थिति में कार्य कर रहे थे और अब अदालत के फैसले से उन्हें स्थिरता का अहसास हुआ है।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उन्होंने अपनी पूरी मेहनत और समर्पण से अपने कार्यों को अंजाम दिया है, और वे इस फैसले को अपनी सेवा की सही पहचान मानते हैं। इस फैसले के बाद कर्मचारियों में उत्साह और संतोष का माहौल है क्योंकि अब उन्हें अपनी नौकरी के स्थायित्व की उम्मीद मिल गई है।
सरकार का रुख:
हरियाणा सरकार के अधिकारियों का कहना है कि इस फैसले के बाद विभागों में नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए यह सुनिश्चित करने की बात कही है कि कर्मचारियों को उनके अधिकार और पूरी सेवा का लाभ मिले। साथ ही, कर्मचारियों के मामलों का निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाएगा।
जो वर्षों से अस्थायी तौर पर कार्य कर रहे थे
यह निर्णय उन 13,000 कर्मचारियों के लिए राहत देने वाला साबित हुआ है जो वर्षों से अस्थायी तौर पर कार्य कर रहे थे और अपनी सेवा के स्थायित्व को लेकर चिंतित थे। हाईकोर्ट का यह फैसला न केवल इन कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह राज्य सरकार के लिए भी एक संकेत है कि भविष्य में सभी कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष और संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए।