पटना 25 जनवरी -आय से अधिक संपत्ति मामले में बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) रहे रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों पर तलाशी और नोटों की गिनती का काम शुक्रवार को पूरा कर लिया गया। विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) की टीम ने डीईओ के दरभंगा और बेतिया के ठिकानों से कुल तीन करोड़ 56 लाख 22 हजार रुपये नकद मिले हैं।
लाखों के गहने और कई शहरों में जमीन के दस्तावेज आदि बरामद –
इनमें दरभंगा स्थित डीईओ की पत्नी सुषमा कुमारी के आवास से ही तीन करोड़ 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
इसके अलावा डीईओ के बेतिया आवास से 55 लाख 62 हजार रुपये नकद मिला है।
इसके अलावा लाखों के गहने और कई शहरों में जमीन के दस्तावेज आदि बरामद किए गए हैं।
छापामारी की यह कार्रवाई न्यू कॉलोनी डाकबंगला रोड बेतिया, हरि वाटिका, वसंत विहार, सरिसवा रोड, बेतिया, नचारी झा रोड वार्ड 27 समस्तीपुर, ओपेन बिरला माइंड स्कूल, दरभंगा, रेंटल रेसीडेंट हाउस सकरी थाना मधुबनी में की गई।
रात भर नोट गिनने वाली मशीन से नोटों की गिनती –
छापामारी में इतनी नकद राशि मिली कि एसवीयू अधिकारियों को बैंककर्मियों को बुलाना पड़ा। कई बोरों और बैग में जमीन के दस्तावेज और नोटों के बंडल छिपाकर रखे हुए थे। रात भर नोट गिनने वाली मशीन से नोटों की गिनती की गई। इस मामले में गुरुवार को ही डीईओ को निलंबित भी कर दिया गया था।
स्कूल, होटल, परिवहन आदि में निवेश –
एसवीयू की जांच में पता चला है कि निलंबित डीईओ की पत्नी सुषमा कुमारी पहले संविदा शिक्षिका थीं। बाद में उन्होंने यह सेवा छोड़ दी और स्कूल का व्यवसाय शुरू कर दिया।
अभी वह दरभंगा में ओपन माइंड बिरला स्कूल चला रही हैं, जिसकी वह निदेशक सह मालकिन हैं। यह स्कूल उनके नाम पर खरीदी गई जमीन पर ही बना है। इसके साथ ही समस्तीपुर और मधुबनी में भी व्यवसाय संचालित है।
अपनी 20 साल की सेवा के दौरान डीईओ ने अवैध कमाई की जिसका इस्तेमाल स्कूल, होटल, परिवहन आदि में निवेश के लिए किया गया है।
दस्तावेज के मुताबिक डीईओ ने पटना में रिजॉर्ट खोलने और बस की खरीद को लेकर भी काली कमाई का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ही बगहा, दरभंगा, समस्तीपुर में भी जमीन की खरीद की गई है, जिनका मूल्यांकन और सत्यापन कराया जा रहा है।