गुरुग्राम, 26 जनवरी। पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने अपने संबोधन के दौरान आम नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि गुरुग्राम एनसीआर का प्रमुख जिला है, ऐसे में अगर हम कोई सार्थक पहल करेंगे तो अन्य जिले भी उसका अनुसरण करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर पॉलीथीन का विक्रय प्रतिबंधित है, और आम नागरिकों को इस अभियान में सहभागी बनकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को संरक्षित करना होगा।
पीढ़ियों के भविष्य को संरक्षित करना होगा-
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पॉलीथीन को गलने में लगभग चार सौ साल लगते हैं, इस दौरान हमारी 16 पीढ़ियां प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने कहा, “अगर हम पर्यावरण को संरक्षित करना चाहते हैं और आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण प्रदान करना चाहते हैं, तो हमें यह प्रण करना होगा कि हम अपनी दैनिक दिनचर्या में पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वाले हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल नहीं करेंगे।”
राव नरबीर सिंह ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे अपने परिवार और संपर्क में आने वालों को पॉलीथीन के विकल्पों के बारे में जागरूक करें और इसके उचित निस्तारण के बारे में भी बताएँ। इसके साथ ही, सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखने की प्रक्रिया को अपने दैनिक व्यवहार में शामिल करने की बात भी उन्होंने कही।
व्यवहार में शामिल करने की बात–
मंत्री ने यह भी बताया कि अगर हम सभी इस पहल को अपनाते हैं तो न केवल गुरुग्राम, बल्कि अन्य जिले भी इस अभियान का अनुसरण करेंगे, और इससे राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक बदलाव आ सकेगा।
उन्होंने सभी से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर जागरूकता फैलाकर इस दिशा में अपना योगदान दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।