गुड़गांव 28 जनवरी गुड़गांव, सिविल लाइंस क्षेत्र में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के दौरान केजरीवाल का पुतला जलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने उन पर भ्रष्टाचार, वादाखिलाफी और दिल्ली सरकार की नीतियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
क्या था प्रदर्शन का कारण?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केजरीवाल सरकार ने जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं। इसके अलावा, प्रदूषण, सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति, और दिल्ली में बढ़ती कानून-व्यवस्था की समस्याओं को लेकर भी प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखने को मिली।
प्रदर्शन की खास बातें
विरोध प्रदर्शन सिविल लाइंस के मुख्य चौक पर हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग जुटे।
प्रदर्शनकारियों ने “केजरीवाल इस्तीफा दो” और “झूठे वादे बंद करो” जैसे नारे लगाए।
पुतला दहन के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, लेकिन स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
पुलिस की प्रतिक्रिया
गुड़गांव पुलिस ने प्रदर्शन पर नजर बनाए रखी। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कानून व्यवस्था को कोई खतरा नहीं हुआ। हालांकि, सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
विरोधियों की मांगें
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि अरविंद केजरीवाल अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों और वादों का हिसाब दें। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले समय में और बड़े प्रदर्शन किए जाएंगे।
केजरीवाल का पक्ष
इस मुद्दे पर अभी तक अरविंद केजरीवाल या आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह विरोध यह संकेत देता है कि केजरीवाल सरकार की नीतियों को लेकर जनता के एक हिस्से में असंतोष है, जो आने वाले समय में राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकता है।