फ़िरोज़पुर 28 जनवरी – फिरोजपुर: पंजाब सरकार ने राज्यभर में चाइना डोर के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर सख्त पाबंदी लगाई है। यह डोर न केवल इंसानों बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी जानलेवा साबित हो रही है। इसके बावजूद कुछ लोग इस प्रतिबंध का उल्लंघन कर इसे बेचने का काम कर रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए फिरोजपुर जिले में एसएसपी सौम्या मिश्रा के निर्देश पर पुलिस ने चाइना डोर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया और बड़ी कार्रवाई की।
गुप्त सूचना पर छापेमारी
डीएसपी सिटी फिरोजपुर सुखविंदर सिंह ने बताया कि थाना सिटी फिरोजपुर की पुलिस ने एसएचओ इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह चमेली और एएसआई सुखदेव राज के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर एक टीम बनाई। सूचना मिली थी कि गुरजीत सिंह, जसवीर सिंह और कुलदीप सिंह नाम के तीन व्यक्ति चाइनीज डोर के गट्टू बाहर से लाकर फिरोजपुर में बेच रहे हैं। इन आरोपियों को दाना मंडी फिरोजपुर के गेट नंबर 1 पर ग्राहकों का इंतजार करते देखा गया।
105 गट्टू बरामद, 3 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने बताई गई जगह पर छापा मारकर तीनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से चाइनीज डोर के 105 गट्टू बरामद हुए। यह डोर न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि इसका इस्तेमाल पतंग उड़ाने के दौरान गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनता है।
कानूनी कार्रवाई
तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी फिरोजपुर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय दंड संहिता के प्रावधान, वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 और एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 की धाराएं शामिल हैं।
चाइना डोर पर क्यों लगी पाबंदी?
चाइना डोर, जिसे नायलॉन या सिंथेटिक डोर के नाम से भी जाना जाता है, बेहद मजबूत और धारदार होती है। यह डोर पतंगबाजी के दौरान लोगों, पशुओं और पक्षियों के लिए घातक साबित होती है। अक्सर सड़क पर चलते समय बाइक सवार इसका शिकार बनते हैं, जिससे गंभीर चोटें और मौत तक हो सकती है।
अभियान जारी रहेगा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चाइना डोर के खतरे को खत्म करने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि अगर कहीं चाइना डोर की बिक्री हो रही हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। इस तरह के प्रयास से ही इस जानलेवा डोर के खतरे को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा।
सरकार की सख्त हिदायत
पंजाब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि चाइना डोर के भंडारण, बिक्री या उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई एक संदेश है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।