
महाकुंभ में भगदड़ के बाद का दर्दनाक मंजर: 30 तस्वीरों में देखें हृदयविदारक दृश्य
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से भगदड़ मच गई। अचानक हुई इस अफरा-तफरी ने कई जिंदगियां छीन लीं और सैकड़ों लोग घायल हो गए। हादसे के बाद का दृश्य बेहद दर्दनाक था—जहां एक तरफ लोग अपने परिजनों को खोज रहे थे, वहीं दूसरी तरफ सड़क पर बिछी लाशें और रोते-बिलखते अपनों की तस्वीरें दिल दहला देने वाली थीं।
अपनों को खोने का डर: परिजनों ने शवों का हाथ नहीं छोड़ा
हादसे के बाद कई परिजन अपनों के शव से लिपटकर रोते रहे। किसी मां ने अपने बेटे के निर्जीव शरीर को गोद में उठाए रखा, तो कोई पिता अपने बच्चे का हाथ थामे बैठा रहा। अपनों को खोने का डर इतना गहरा था कि कई लोग शवों का हाथ पकड़े बैठे थे, इस डर से कि कहीं भीड़ में बॉडी खो न जाए।
अस्पतालों में हाहाकार, लाशों के बीच परिजनों की तलाश
भगदड़ के बाद अस्पतालों और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में अफरा-तफरी का माहौल था। एंबुलेंस लगातार घायलों को ला रही थी, लेकिन जगह कम पड़ रही थी। कई लोग अपनों की पहचान के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हर बार की तरह इस बार भी महाकुंभ में सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन भगदड़ ने इन दावों की पोल खोल दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशासन के स्तर पर चूक हुई और श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
भगदड़ के पीछे की वजह क्या थी?
हालांकि प्रशासन ने भगदड़ की जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं—
- भीड़ पर नियंत्रण न होना: श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से ज्यादा बढ़ गई थी, जिससे अव्यवस्था फैल गई।
- अचानक आई धक्का-मुक्की: रेलिंग टूटने या किसी के गिरने के बाद लोग आगे बढ़ने लगे, जिससे भगदड़ मच गई।
- प्रबंधन की विफलता: सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में प्रशासन की कमजोरी उजागर हुई।
30 तस्वीरों में देखें हादसे के बाद का मंजर
इस दर्दनाक घटना के कई दृश्य कैमरे में कैद हुए, जिनमें—
- परिजनों की बेबसी और आंसू
- सड़क पर बिछी लाशें और बिखरा सामान
- घायलों की कराहट और मदद के लिए पुकारते लोग
- अस्पतालों में इलाज के लिए जूझते मरीज
- भगदड़ से बचकर निकलते लोगों के चेहरे पर दहशत
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